मंडी में एडीबी टीम ने HP SHIVA परियोजना का जायजा लिया

rakesh nandan

18/04/2026

हिमाचल प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही HP SHIVA Project (हिमाचल प्रदेश सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन) परियोजना की प्रगति का आकलन करने के लिए Asian Development Bank (एडीबी) की एक उच्चस्तरीय टीम इन दिनों मंडी जिले के दौरे पर है। यह टीम प्रोजेक्ट लीडर डेनिस लोपेज के नेतृत्व में कार्य कर रही है, जिसमें ब्रैंडो एंजेल्स, प्राची शर्मा और दिनेश गोदियाल जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।

विभिन्न क्लस्टरों का किया निरीक्षण

बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम ने दो दिवसीय दौरे के दौरान परियोजना के विभिन्न चरणों की गहन समीक्षा की। पहले दिन टीम ने विकास खंड गोपालपुर के भांबला क्लस्टर का दौरा किया, जहां चल रही गतिविधियों और कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। इसके बाद दूसरे दिन टीम ने सुंदरनगर के खग्राओं और पलौहटा-2 क्लस्टर के साथ-साथ बल्ह क्षेत्र के तमरोह क्लस्टर का दौरा कर जमीनी स्तर पर परियोजना की स्थिति का आकलन किया।

बुनियादी ढांचे और संस्थागत भूमिका पर फोकस

निरीक्षण के दौरान एडीबी टीम ने क्लस्टरों में तैयार किए गए बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता की जांच की। इसके साथ ही उन्होंने सीएचपीएमए (Cluster Horticulture Producer Management Association) और डब्ल्यूयूए (Water User Association) के सदस्यों के साथ विस्तृत बैठकें भी कीं। इन बैठकों में टीम ने इन संस्थाओं की भूमिका, कार्यप्रणाली और परियोजना के सफल क्रियान्वयन में उनकी भागीदारी का गहराई से मूल्यांकन किया।

बागवानों से सीधा संवाद

इस दौरे की एक खास बात यह रही कि टीम ने सीधे तौर पर लाभार्थी बागवानों से बातचीत की। बागवानों से यह जानने का प्रयास किया गया कि इस परियोजना ने उनकी आय, उत्पादन और जीवन स्तर पर क्या प्रभाव डाला है। किसानों ने परियोजना के सकारात्मक प्रभावों के बारे में जानकारी दी और भविष्य की जरूरतों को भी साझा किया। एडीबी टीम ने इन सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आगे की रणनीति में शामिल करने का आश्वासन दिया।

पलौहटा-2 में ‘मोनोरेल’ पायलट प्रोजेक्ट

निरीक्षण के दौरान पलौहटा-2 क्लस्टर में एक अभिनव पहल पर भी चर्चा हुई। यहां एडीबी टीम ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘मोनोरेल’ प्रणाली स्थापित करने के लिए किसानों से सुझाव और सहमति प्राप्त की। यह तकनीक खेतों से उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाएगी। साथ ही, कृषि आदानों की ढुलाई भी अधिक सुविधाजनक हो सकेगी। टीम ने इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया, जिससे आने वाले समय में यह तकनीक क्षेत्र में लागू हो सकती है।

उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना पर जोर

परियोजना के अगले चरण के तहत टीम ने सुंदरनगर के पीसीडीओ हराबाग का भी दौरा किया। यहां एक फार्मर एंटरप्राइज इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की योजना है। यह केंद्र बागवानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी जानकारी प्रदान करेगा, जिससे वे अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे। एडीबी टीम ने इस प्रस्तावित केंद्र के महत्व को समझते हुए इसमें गहरी रुचि दिखाई।

बागवानी क्रांति की दिशा में कदम

टीम ने अब तक की परियोजना प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और इसे राज्य में बागवानी क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस परियोजना के माध्यम से न केवल बागवानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ाई जा रही है।

अधिकारियों की मौजूदगी

इस निरीक्षण के दौरान बागवानी और जल शक्ति विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें सहायक परियोजना निदेशक डॉ. रमल अंगारिया, डीसी एचपी शिवा डॉ. राजेश शर्मा, राष्ट्रीय बागवानी विशेषज्ञ डॉ. सोम देव शर्मा और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे। इसके अलावा, विभिन्न क्लस्टरों के प्रभारी अधिकारी और सामाजिक विशेषज्ञ भी इस दौरे में शामिल रहे, जिन्होंने परियोजना के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभाई।