हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने क्षेत्र के 38 महिला मंडलों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम लग कढ़ियार स्थित अंबेडकर भवन और टौणी देवी मंदिर परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 700 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
वरिष्ठ महिलाओं का विशेष सम्मान
समारोह के दौरान 80 वर्षीय रसिलो देवी सहित 12 वरिष्ठ महिलाओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इन महिलाओं ने अपने जीवन के अनुभवों और समाज के प्रति योगदान से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने सभी वरिष्ठ महिलाओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया और उन्हें शाल व टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस भावुक क्षण ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को भाव-विभोर कर दिया और भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के सम्मान की परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक रंग
कार्यक्रम की शुरुआत मातृशक्ति द्वारा ढोल-नगाड़ों के साथ विधायक के भव्य स्वागत से हुई। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुए इस स्वागत ने आयोजन को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। महिलाओं ने लोकगीत गाकर विधायक के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पारंपरिक गीतों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्साह और भावनाओं से भर दिया।
मातृशक्ति की भूमिका पर जोर
अपने संबोधन में विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति समाज की नींव है और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं का एकत्रित होना इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अब समाज में अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह जागरूक हैं और सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
विकास कार्यों में महिलाओं का योगदान
विधायक ने कहा कि उन्हें जनता की सेवा करने का अवसर मिलने के बाद से वे निरंतर क्षेत्र के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के सहयोग और आशीर्वाद को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के पीछे जनता का विश्वास और मातृशक्ति का समर्थन ही उनकी प्रेरणा है। उन्होंने भविष्य में भी इसी समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
महिला मंडलों को सम्मान और सहयोग
कार्यक्रम के अंत में विधायक ने सभी महिला मंडलों को सम्मान स्वरूप कुर्सियां भेंट कीं। यह सम्मान उनके सामाजिक कार्यों और सक्रिय भागीदारी की सराहना के रूप में दिया गया। उन्होंने महिला मंडलों को समाज में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया और कहा कि महिलाओं के सहयोग से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
एकता और संस्कृति का संदेश
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम भी बना। महिलाओं की सहभागिता और उत्साह ने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं।