महिलाओं को आवास योजना से 3 लाख की सहायता

rakesh nandan

17/04/2026

हिमाचल प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिला आवास योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को अपना घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें।

जिला सिरमौर में इस योजना का संचालन जिला श्रम कल्याण कार्यालय के माध्यम से किया जा रहा है। योजना के तहत उन महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है, जो हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हैं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित हैं।

तहसील नाहन के शंभू वाला की निवासी निर्मला देवी इस योजना से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है, जिससे उन्होंने अपने घर का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।

इसी प्रकार, नाहन शहर की निवासी शरीफा को भी इस योजना के तहत 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सहायता से उनका अपना घर बनाने का सपना साकार हो रहा है।

ग्राम पंचायत सतीवाला की निवासी परमिता ने भी इस योजना को बेहद लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और उन्हें अपने परिवार के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

जिला श्रम कल्याण अधिकारी पारितोष तोमर ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत 40 वर्ष या उससे अधिक आयु की विधवा, एकल, निराश्रित और दिव्यांग महिलाएं पात्र हैं, बशर्ते वे भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत हों।

उन्होंने बताया कि पात्रता के लिए यह भी आवश्यक है कि लाभार्थी महिला ने पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन कार्य किया हो और उसका पंजीकरण समय-समय पर नवीनीकृत किया गया हो। इसके अलावा, महिला के पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए या वह कच्चे मकान में रह रही हो।

आर्थिक पात्रता के तहत लाभार्थी की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, आवास निर्माण के लिए उसके नाम पर कम से कम 2 बिस्वा भूमि होनी चाहिए या सरकार द्वारा भूमि आवंटित की गई हो।

इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने घर का निर्माण कर सकें। यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि समाज में उनकी स्थिति भी मजबूत हो रही है। यह पहल विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपने दम पर घर बनाने में सक्षम नहीं हैं।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिला आवास योजना हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और सराहनीय कदम है, जो उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान सुनिश्चित कर रही है।