बिजली सब्सिडी पर सरकार जनता को झटका दे रही : परमार

rakesh nandan

22/05/2026

बिजली सब्सिडी पर कांग्रेस सरकार जनता को महंगे बिलों का झटका दे रही : विपिन सिंह परमार

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Vipin Singh Parmar ने हिमाचल प्रदेश में बिजली सब्सिडी से जुड़े नए फैसले को लेकर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब जनता को भारी बिजली बिलों का झटका दे रही है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि मई महीने में प्रदेशभर के लाखों उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे गए हैं, जिससे कांग्रेस सरकार का “जनविरोधी चेहरा” सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार द्वारा दो से अधिक मीटर वाले घरों पर बिजली सब्सिडी समाप्त करने का फैसला सीधे तौर पर मध्यम वर्ग, किराएदारों और गरीब परिवारों को प्रभावित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 3 लाख उपभोक्ता इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। जिन उपभोक्ताओं को पहले मामूली या शून्य बिजली बिल भरना पड़ता था, उन्हें अब सैकड़ों और हजारों रुपये के बिल चुकाने पड़ रहे हैं।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे कर जनता से वोट हासिल किए थे, लेकिन सत्ता में आते ही उन्हीं वादों से पीछे हट गई। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि एक यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता को भी बिल भरना पड़ रहा है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह फैसला गरीब और मध्यम वर्ग विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला साबित हो रहा है।

विपिन परमार ने कहा कि सबसे चिंताजनक स्थिति किराए के मकानों में रहने वाले लोगों की है। जिन लोगों के नाम पर मकान और बिजली मीटर हैं, उन्हें सब्सिडी का लाभ मिल रहा है, जबकि किराए के कमरों में रहने वाले गरीब, मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग बिना सब्सिडी के अधिक बिजली बिल भरने के लिए मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के कारण मकान मालिकों और किराएदारों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो रही है। कई परिवारों और किराएदारों को अब अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

विपिन परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आर्थिक बदहाली का बोझ आम जनता पर डाल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, डीजल, बस किराए और अन्य सेवाओं में लगातार बढ़ोतरी से लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास न तो स्पष्ट नीति है और न ही जनता के हित में कार्य करने की नियत। भाजपा नेता के अनुसार सरकार केवल आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश की जनता अब सरकार की कथनी और करनी के अंतर को समझ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिजली सब्सिडी और बिजली दरों से जुड़े मुद्दे हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों के बीच बिजली बिलों में बदलाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारें अक्सर वित्तीय दबाव और संसाधनों के संतुलन के लिए सब्सिडी नीतियों में बदलाव करती हैं। हालांकि ऐसे फैसलों का सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव व्यापक होता है, खासकर तब जब बड़ी संख्या में उपभोक्ता प्रभावित हों।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि किराएदारों और बहु-मीटर वाले घरों पर लागू नीतियों का प्रभाव शहरी क्षेत्रों में अधिक दिखाई देता है। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों की मासिक खर्च व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

विपिन सिंह परमार ने कहा कि भाजपा इस फैसले का लगातार विरोध करेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने सरकार से बिजली सब्सिडी संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेशभर में जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रहेगी और किसी भी जनविरोधी फैसले का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।