शिमला में पंचायत चुनाव तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त Anupam Kashyap ने पंचायत चुनावों को लेकर सभी एसडीएम और खंड विकास अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पंचायत चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और व्यवस्थागत पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से करवाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अनुपम कश्यप ने कहा कि चुनाव ड्यूटी में तैनात पोलिंग पार्टियों के रहने और खाने की व्यवस्था संबंधित पंचायत सचिवों की देखरेख में सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदान कर्मियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनके लिए सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पंचायत चुनावों को पूर्ण शांति और पारदर्शिता के साथ संपन्न करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी विभागों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
बैठक में मतदान दलों की आवाजाही के लिए ब्लॉक स्तर पर वाहनों और बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि मतदान दलों को समय पर संबंधित मतदान केंद्रों तक पहुंचाना चुनाव प्रक्रिया की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा मतदान कर्मियों, पोर्टरों और अन्य कर्मचारियों के लिए ठहरने तथा भोजन की समुचित व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने निर्देश दिए कि चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के भुगतान और संबंधित बिलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में कानून व्यवस्था बनाए रखने के विषय पर भी विशेष चर्चा हुई। जिला प्रशासन ने संबंधित उपमंडलाधिकारियों (नागरिक) को चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।
इसके साथ ही जिला परिषद उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की निगरानी पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को कैंडिडेट एक्सपेंडिचर रिपोर्टिंग सिस्टम (CERS) के माध्यम से उम्मीदवारों के चुनाव व्यय की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान एवं मतगणना केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पहले से उपलब्ध आधारभूत संरचना का उपयोग करते हुए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। प्रशासन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
इसके अतिरिक्त मतदान और मतगणना केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को पेयजल, बिजली, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिला प्रशासन ने रिजर्व और स्टैंडबाय वाहनों की तैनाती को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।
बैठक में मतगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पंचायत पदाधिकारियों के सत्यापित विवरण निर्धारित प्रारूप में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन चाहता है कि चुनाव परिणामों और संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड व्यवस्थित और त्रुटिरहित रखा जाए।
अनुपम कश्यप ने सभी अधिकारियों से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों को पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्योति राणा, सहायक आयुक्त टू डीसी देवी चंद ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर समय रहते व्यापक तैयारियां और समन्वय चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।