ऊना में गर्मी का असर तेज, पेयजल आपूर्ति पर जल शक्ति विभाग की कड़ी निगरानी
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में तापमान में लगातार वृद्धि के साथ गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ने लगा है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए आमजन को निर्बाध और सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल शक्ति विभाग ने फील्ड स्तर पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो और लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जल शक्ति विभाग ऊना के अधीक्षण अभियंता नरेश धीमान ने विभागीय अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तुरंत समाधान किया जाए, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने विशेष रूप से फील्ड में तैनात एई, जेई, वर्क इंस्पेक्टर और फिटर को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा है। विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि जल आपूर्ति व्यवस्था बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से चलती रहे।
टुल्लू पंप और पानी के दुरुपयोग पर सख्ती
बढ़ती गर्मी के साथ पानी की मांग भी बढ़ जाती है, ऐसे में जल स्रोतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए अधीक्षण अभियंता ने निर्माण कार्यों में पेयजल के अनावश्यक उपयोग और जलापूर्ति लाइनों पर अवैध रूप से टुल्लू पंप लगाने की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से टुल्लू पंप लगाकर पानी का दुरुपयोग करता हुआ पाया गया, तो उसका कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभागीय टीमें समय-समय पर निरीक्षण कर ऐसे मामलों पर नजर रखेंगी।
पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखना भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल स्रोतों की नियमित सफाई, रखरखाव और शुद्धिकरण कार्य सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी क्षेत्र से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायत आती है, तो उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। विभाग का प्रयास है कि लोगों को न केवल पर्याप्त मात्रा में पानी मिले, बल्कि वह पूरी तरह से स्वच्छ और सुरक्षित भी हो।
फील्ड स्तर पर समीक्षा और बेहतर समन्वय
संभावित जल संकट से निपटने के लिए विभाग ने फील्ड स्तर पर समीक्षा और समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया है। अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमित रूप से क्षेत्रवार समीक्षा बैठकें आयोजित करें और जल आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति का आकलन करें। अधिशासी अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड स्टाफ के साथ समन्वय बनाकर कार्ययोजना तैयार करेंगे, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
जनता से सहयोग की अपील
अंत में नरेश धीमान ने आमजन से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण में जनता की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है और सभी लोगों को पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की अनावश्यक बर्बादी को रोकना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग मिलकर इस दिशा में प्रयास करेंगे, तो गर्मी के मौसम में भी जल संकट से बचा जा सकता है।