ऊना में जनगणना-2026 के लिए स्व-गणना की अपील

rakesh nandan

03/06/2026

जिला ऊना में जनगणना-2026 के प्रथम चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच उपायुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी Jatin Lal ने जिले के सभी नागरिकों से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी राज्य और देश के समग्र, संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आधारशिला होती है तथा इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2026 का प्रथम चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान घरों, परिवारों, आवासीय सुविधाओं और अन्य आवश्यक सूचनाओं का संकलन किया जाएगा। इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

उन्होंने बताया कि 1 जून से 15 जून 2026 तक नागरिक ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपने परिवार और आवास से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा लोगों को जनगणना प्रक्रिया में सीधे भागीदारी का अवसर प्रदान करती है और डेटा संग्रहण को अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी बनाती है।

जतिन लाल ने कहा कि स्व-गणना सुविधा जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागरिकों को एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी। जब 16 जून से घर-घर सर्वेक्षण के लिए प्रगणक पहुंचेंगे, तब नागरिकों को यह आईडी उपलब्ध करवानी होगी। इससे प्रगणकों को जानकारी सत्यापित करने में सुविधा मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान प्राप्त की जाने वाली सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। इनका उपयोग केवल जनगणना और सरकारी योजना निर्माण से संबंधित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। नागरिकों को किसी प्रकार की गोपनीयता संबंधी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

उपायुक्त ने कहा कि प्रथम चरण के दौरान घरों, परिवारों और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े संकलित किए जाएंगे। इन आंकड़ों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य विकासात्मक योजनाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुख बनाने के लिए किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जनगणना के सफल संचालन के लिए नगर निगम ऊना कार्यालय में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ भी कर दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल उपकरणों के उपयोग, मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से डेटा संग्रहण और जनगणना प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

जतिन लाल ने स्वयं भी स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेकर नागरिकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि जब प्रशासनिक अधिकारी स्वयं इस प्रक्रिया को अपनाते हैं तो आम जनता में भी जागरूकता और विश्वास बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है। किसी क्षेत्र की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति, बुनियादी सुविधाओं और आवश्यकताओं का सही आकलन जनगणना के माध्यम से ही संभव हो पाता है।

उपायुक्त ने जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जनगणना कार्य में तेजी आएगी बल्कि आंकड़ों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।

उन्होंने यह भी अपील की कि जब जनगणना अधिकारी घर-घर सर्वेक्षण के लिए पहुंचें तो उन्हें सही, पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करवाई जाए। नागरिकों का सहयोग ही जनगणना को सफल बनाने की कुंजी है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऊना जिले के नागरिक इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और विकसित हिमाचल के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े भविष्य में क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार करने और विकास कार्यों को गति देने में सहायक सिद्ध होंगे।