कल्पा में डे-बोर्डिंग स्कूल निर्माण को 10 करोड़ मंजूर

rakesh nandan

15/04/2026

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला किन्नौर के कल्पा में निर्माणाधीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल और खेल छात्रावास भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार शिक्षा और खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डे-बोर्डिंग स्कूल भवन के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल परिसर में बालिका आश्रम के लिए चिन्हित भूमि पर भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ रुपये जारी करने की भी घोषणा की।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को निर्देश दिए कि वे डे-बोर्डिंग स्कूल और खेल छात्रावास के निर्माण कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रिकांगपिओ स्थित विश्राम गृह में किन्नौर जिला पूर्व सैनिक संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सैनिकों के लिए विश्राम गृह के निर्माण हेतु निधि की मांग रखी।

मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार करते हुए सैनिक विश्राम गृह भवन के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों का देश और समाज के प्रति योगदान अतुलनीय है और उनके कल्याण के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान रिकांगपिओ और कल्पा में आम जनता की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि आम जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को लागू करें और जनता के साथ समन्वय बनाए रखें।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का यह दौरा किन्नौर जिले में शिक्षा, खेल और पूर्व सैनिक कल्याण से जुड़े विकास कार्यों को नई गति देने वाला साबित हुआ है। इससे न केवल क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाए गए हैं।