एसपीयू मंडी के दीक्षांत समारोह में 575 छात्रों को डिग्री

rakesh nandan

06/05/2026

Sardar Patel University के द्वितीय दीक्षांत समारोह में Kavinder Gupta ने बतौर अध्यक्ष शिरकत की। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह को केवल डिग्री वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि “ज्ञान, संस्कृति और जिम्मेदारी के संगम का उत्सव” बताया।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल व्यक्तिगत करियर तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों को विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान देने के लिए समर्पित करें। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया जैसे राष्ट्रीय लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकते।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने Sardar Vallabhbhai Patel की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता का उनका आदर्श आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने के निर्णय की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय दृष्टि का प्रतीक बताया।

राज्यपाल ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करने पर बल देते हुए छात्रों से समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाना भी है।

उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के चरणबद्ध क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की स्थापना और पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में पहले दीक्षांत समारोह के आयोजन को सराहनीय कदम बताया।

राज्यपाल ने मंडी के 500 वर्षों के ऐतिहासिक सफर को याद करते हुए आयोजित शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा की और इसे सांस्कृतिक चेतना और ऐतिहासिक जिम्मेदारी का प्रतीक बताया।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त जीवन अपनाने, पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय संवेदनशीलता और नैतिकता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के कुल 575 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 40 छात्रों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने सभी स्वर्ण पदक विजेताओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में परिवार और गुरुजनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एसपीयू मंडी भविष्य में देश के प्रमुख ज्ञान केंद्रों में शामिल होगा।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति Lalit Kumar Awasthi ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और विकास यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को 2.30 करोड़ रुपये की शोध परियोजनाएं प्राप्त हुई हैं, 60 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए हैं तथा दो पेटेंट स्वीकृत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बहुविषयक शिक्षा, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट प्रणाली और बहु-प्रवेश एवं निकास व्यवस्था को लागू किया है। इसके अतिरिक्त विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ 22 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

कार्यक्रम में विधायक Chander Shekhar, उपायुक्त Apurva Devgan, पुलिस अधीक्षक Vinod Kumar सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।