CAS पदोन्नति मुद्दे पर 11 मई को शिक्षकों का बहिष्कार

rakesh nandan

06/05/2026

Joint Action Committee की एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर CAS (Career Advancement Scheme) के तहत लंबित पदोन्नतियों के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा CAS के अंतर्गत प्राध्यापकों की लंबित पदोन्नतियों को लागू न करना शिक्षकों के अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बताया।

बैठक में Himachal Pradesh University, Sardar Patel University तथा CSK Himachal Pradesh Krishi Vishvavidyalaya सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

जॉइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष Janardan Singh, उपाध्यक्ष Sunil, महासचिव Nitin Vyas सहित कई शिक्षकों ने बैठक को संबोधित किया। बैठक में डॉ. प्रदीप, डॉ. प्रवीण शर्मा, डॉ. रविन्द्र सिंह, डॉ. देवेश ठाकुर, डॉ. अंकुश भारद्वाज, डॉ. योगराज और डॉ. गौरव भारद्वाज सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि CAS केवल पदोन्नति की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान, शोध कार्य, अनुभव और योग्यता का सम्मान है। इसे लंबे समय तक लंबित रखना शिक्षकों के मनोबल को प्रभावित करता है और शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर डालता है।

उन्होंने कहा कि University Grants Commission के दिशा-निर्देशों के अनुसार CAS लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसमें देरी या उदासीनता को शिक्षकों ने अस्वीकार्य बताया।

जॉइंट एक्शन कमेटी ने सरकार पर शिक्षकों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उच्च शिक्षा के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि योग्य और अनुभवी शिक्षकों को समय पर उनका अधिकार नहीं मिला तो इसका असर राज्य के शैक्षणिक संस्थानों की साख पर पड़ेगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 11 मई 2026 को प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान शिक्षक कक्षाओं, परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से स्वयं को अलग रखेंगे।

जॉइंट एक्शन कमेटी ने प्रदेश के शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की। साथ ही छात्र समुदाय और समाज के अन्य वर्गों से भी शिक्षकों के समर्थन में आगे आने का आह्वान किया गया।

बैठक में आने वाले दिनों में जागरूकता अभियान, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। शिक्षकों ने कहा कि उनका उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि न्याय प्राप्त करना और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।