मशोबरा के समीप स्थित सिपुर गांव में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर स्थानीय गांव की 90 वर्षीय वयोवृद्ध महिला Muratu ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मेले के उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिला मंडल सदस्य, युवक मंडल, खिलाड़ी, स्कूली छात्र और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मेले के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि मुरतू ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का सही अर्थ महिलाओं को खुलकर बोलने की आजादी, अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता और अपनी इच्छानुसार जीवन जीने का अधिकार देना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों के कारण महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं। महिलाएं न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
मेला कमेटी के संयोजक ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए बताया कि यह जिला स्तरीय मेला पिछले 37 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व देते हुए पहली बार सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र की सबसे बुजुर्ग महिला को मुख्य अतिथि बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल महिलाओं के सम्मान का प्रतीक है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण के प्रति सकारात्मक संदेश भी देता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना की।
मेले को आकर्षक बनाने के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया है। संयोजक ने बताया कि मेले में वॉलीबॉल, पुरुष कबड्डी और महिला कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। अब तक वॉलीबॉल प्रतियोगिता के लिए 18 टीमें, पुरुष कबड्डी प्रतियोगिता के लिए 8 टीमें और महिला कबड्डी प्रतियोगिता के लिए 10 टीमें पहुंच चुकी हैं। प्रतियोगिताओं का शुभारंभ भी कर दिया गया है और खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मशोबरा, बगथल स्कूल, मूलकोटी स्कूल, माया पब्लिक स्कूल मशोबरा, मॉडल एजुकेशन स्कूल मशोबरा और सोफिया स्कूल मशोबरा के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया था।
स्कूलों के बच्चों ने लोकनृत्य, समूहगान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति की झलक पेश की। स्थानीय लोगों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया है। शिविर में लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है और विभिन्न आवश्यक टेस्ट भी किए जा रहे हैं। जरूरतमंद लोगों को निशुल्क दवाइयां भी वितरित की जा रही हैं।
इसके अतिरिक्त कृषि एवं बागवानी विभाग की ओर से भी मेले में स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों और बागवानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बागवानी योजनाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
स्थानीय महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों ने भी मेले में अपने स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉलों पर स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प सामग्री और पारंपरिक खाद्य व्यंजन उपलब्ध करवाए गए हैं। मेले में आने वाले लोग इन उत्पादों और व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं।
इस अवसर पर संयोजक युवक मंडल सिपुर Tapendra Verma, शारीरिक अध्यापक Nandlal Sharma, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय कलाकार, स्कूली बच्चे, महिला मंडल और युवक मंडल के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
दो दिवसीय इस मेले को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम होते हैं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं।