शिमला में एंटी टेररिज्म डे पर दिलाई शपथ

rakesh nandan

21/05/2026

शिमला में एंटी टेररिज्म डे पर आतंकवाद विरोधी शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित

जिला प्रशासन शिमला द्वारा एंटी टेररिज्म डे के अवसर पर वीरवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में आतंकवाद विरोधी शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आतंकवाद और हिंसा के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने की शपथ दिलाई। इस दौरान जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आयोजन देश में शांति, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए हर प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे।

उल्लेखनीय है कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के शहीदी दिवस 21 मई को पूरे देश में एंटी टेररिज्म डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं, को आतंकवाद और हिंसा के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज में शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और मानव मूल्यों के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक, सतर्क और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और शांति बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। यदि समाज में आपसी विश्वास, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होगी तो किसी भी प्रकार की विघटनकारी शक्तियों को सफल नहीं होने दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि शांति और सामाजिक सद्भाव ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।

उपायुक्त ने कहा कि एंटी टेररिज्म डे मनाने का उद्देश्य लोगों में शांति, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है ताकि समाज में हिंसा, कट्टरता और आतंकवाद के लिए कोई स्थान न रहे। उन्होंने युवाओं से भी राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति सदैव से अहिंसा, सहिष्णुता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित रही है। देश की यही परंपरा हमें शांति और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे मानव जीवन मूल्यों की रक्षा करेंगे तथा राष्ट्रहित और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। सभी ने मिलकर देश की सुरक्षा और एकता के लिए हर प्रकार की हिंसा और आतंकवाद का विरोध करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में युवाओं को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना अत्यंत आवश्यक है। समाज में जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही आतंकवाद जैसी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि वे समाज में भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।