14 जून से शुरू होगा तीन दिवसीय सरनाहुली पराशर मेला

rakesh nandan

08/06/2026

14 जून से शुरू होगा जिला स्तरीय सरनाहुली पराशर मेला, श्रद्धालुओं के लिए होंगे व्यापक प्रबंध

मंडी जिले का प्रसिद्ध जिला स्तरीय सरनाहुली पराशर मेला इस वर्ष 14 जून से 16 जून तक आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस पारंपरिक मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मेले के सफल आयोजन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

यह जानकारी एसडीएम सदर मंडी रूपिन्द्र कौर ने सोमवार को डीआरडीए समिति हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि सरनाहुली पराशर मेला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की लोक आस्था, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पराशर क्षेत्र में पहुंचकर इस मेले में भाग लेते हैं।

रूपिन्द्र कौर ने बताया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक विभागों को समय रहते अपनी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मेले के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य जांच शिविर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

उन्होंने जल शक्ति विभाग को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ आवश्यकतानुसार पेयजल टैंकरों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहीं विद्युत विभाग को मेले के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।

श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) को विशेष बस सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मेले में आने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिले, इसके लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग को पराशर क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़कों की मरम्मत, रखरखाव और आवश्यक संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग को भी विभिन्न स्थानों पर दिशा-सूचक साइन बोर्ड स्थापित करने को कहा गया है, ताकि बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अग्निशमन विभाग को मेले के दौरान अग्निशमन वाहन और सुरक्षा उपकरण तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग को खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बैठक में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। एसडीएम ने पुलिस विभाग को यातायात, पार्किंग और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी और पुलिस विभाग को विशेष रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा।

रूपिन्द्र कौर ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान शराब, बीयर, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने नशा मुक्त मेला आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए पुलिस विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन गंभीर है। बीडीओ सदर को पूरे मेला परिसर में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मेले में दुकानें लगाने वाले सभी विक्रेताओं से भी अपनी दुकानों के बाहर कूड़ेदान रखने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

एसडीएम ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को स्थानीय मेला समिति के साथ समन्वय स्थापित कर सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विभिन्न विभागों से विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित प्रदर्शनियां एवं जागरूकता स्टॉल लगाने को भी कहा।

बैठक में मेले के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया और उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है।

रूपिन्द्र कौर ने आमजन से भी अपील की कि वे मेले के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पराशर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला भाषा अधिकारी रेवती सैणी, वरिष्ठ अधिशासी अभियंता विद्युत राजेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।