हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में बाबा बालक नाथ विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त एवं साडा की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने की। बैठक में क्षेत्र के विकास, आय-व्यय और विभिन्न लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी मामले लंबित हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
उपायुक्त ने कहा कि दियोटसिद्ध एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का विकास सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दियोटसिद्ध क्षेत्र में होने वाले सभी निर्माण कार्य हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के अनुसार ही किए जाएं। इसके लिए उन्होंने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस अधिनियम की अक्षरशः अनुपालना सुनिश्चित करें।
बैठक में दियोटसिद्ध क्षेत्र में अतिक्रमण और कुछ दुकानों को खाली करवाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने इन मामलों की वर्तमान स्थिति से उपायुक्त को अवगत करवाया और आवश्यक कार्रवाई की जानकारी दी।
इस अवसर पर बड़सर की एसडीएम स्वाति डोगरा, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के योजनाकार हरजिंद्र सिंह, बिझड़ी के तहसीलदार सुभाष कुमार मल्होत्रा सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी साझा की।
बैठक के पश्चात उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने चकमोह में संचालित बाबा बालक नाथ मॉडल स्कूल का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के संचालकों और शिक्षकों से शिक्षा व्यवस्था, सुविधाओं और छात्रों के हित में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इसके अलावा उपायुक्त ने कलवाल स्थित गौ सदन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रखे गए पशुओं के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की और संचालकों के साथ चर्चा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने पशुओं के रखरखाव और सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान एसडीएम स्वाति डोगरा और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने निरीक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई।
उपायुक्त ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ वहां की व्यवस्थाओं को भी मजबूत बनाना जरूरी है, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि साडा की यह बैठक दियोटसिद्ध क्षेत्र के सुनियोजित विकास और बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।