रिकांग पिओ में रोगी कल्याण समिति की बैठक

rakesh nandan

17/04/2026

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रिकांग पिओ में जिला जनजातीय चिकित्सालय में आयुष विभाग द्वारा रोगी कल्याण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ अमित कुमार शर्मा ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त डॉ अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आयुष विभाग को निर्देश दिए कि वे चिकित्सालय में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएं तथा रोगियों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

इस अवसर पर रोगी कल्याण समिति की आय बढ़ाने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक के आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया, जिससे समिति की वित्तीय स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान समिति के संसाधनों को बेहतर तरीके से उपयोग करने और आय के नए स्रोत विकसित करने पर भी विचार किया गया।

जिला आयुष अधिकारी डॉ प्रवीण कुमार शर्मा ने बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय के पंचकर्मा यूनिट के लिए एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी का पद सृजित करने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि इन पदों को रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत आउटसोर्स आधार पर भरा जाए या फिर निदेशक आयुष, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से स्वीकृत किया जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि आयुष विभाग द्वारा समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनके माध्यम से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में इन शिविरों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां लोग आयुर्वेदिक उपचार की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश नेगी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग कल्पा ललित जरियाल, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अभिषेक शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी नितिन राणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी जय कुमार गुप्ता और उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ अरुण गौतम सहित अन्य अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है, ताकि वे समय पर उपचार प्राप्त कर सकें। आयुष विभाग की पहल से न केवल पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच भी बढ़ रही है।

अंत में, उपायुक्त ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति के माध्यम से मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

यह बैठक किन्नौर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में मरीजों को बेहतर और प्रभावी उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी।