राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर प्रदेशभर में श्रद्धांजलि सभाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं आधुनिक भारत के शिल्पकार स्वर्गीय राजीव गांधी जी की 35वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 21 मई 2026 को हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में श्रद्धांजलि सभाओं, संगोष्ठियों एवं पुष्पांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से राजीव गांधी जी के आधुनिक भारत, सूचना क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था और युवा सशक्तिकरण में दिए गए ऐतिहासिक योगदानों को स्मरण किया गया।
राजीव गांधी स्टडी सर्कल हिमाचल प्रदेश के छात्र राज्य प्रमुख यासीन बट्ट ने कहा कि राजीव गांधी जी ने देश को सूचना एवं तकनीकी क्रांति से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। इसके साथ ही पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाकर लोकतंत्र को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य भी उनके नेतृत्व में हुआ।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण देकर राजीव गांधी जी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था। आज देश में स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम मानी जाती है।
प्रदेश स्तरीय मुख्य कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में राजीव गांधी स्टडी सर्कल हिमाचल प्रदेश के प्रदेश समन्वयक प्रो. श्याम लाल कौशल की अगुवाई में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, गैर-शिक्षण कर्मचारी, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन राजीव गांधी स्टडी सर्कल की प्रदेश सह-समन्वयक डॉ. शालिनी कश्मीरिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अंजू शर्मा रहीं, जो हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की पूर्व सदस्य एवं Indian Institute of Advanced Study की फेलो रह चुकी हैं। कार्यक्रम के प्रारंभ में उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रो. श्याम लाल कौशल एवं मुख्य अतिथि अंजू शर्मा ने राजीव गांधी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व, वैज्ञानिक सोच, तकनीकी विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित भारत निर्माण की अवधारणा पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी जी ने भारत को 21वीं सदी की ओर अग्रसर करने का विजन दिया था।
इसके पश्चात राजीव गांधी स्टडी सर्कल की राष्ट्रीय सह-समन्वयक डॉ. चायनिका उनियाल गूगल मीट के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं। उन्होंने अपने संबोधन में शिक्षा, युवा शक्ति, तकनीकी विकास और समावेशी भारत के निर्माण में राजीव गांधी जी की भूमिका को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल इंडिया और तकनीकी विस्तार की जो नींव दिखाई देती है, उसकी शुरुआत राजीव गांधी जी के कार्यकाल में हुई थी।
कार्यक्रम में डॉ. शालिनी कश्मीरिया, डॉ. भवानी सिंह, प्रो. अमरजीत एवं डॉ. वाई. एस. हरटा सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी वक्ताओं ने राजीव गांधी जी के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसी अवसर पर हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय में राजन वर्मा के नेतृत्व में पुष्पांजलि सभा एवं वैचारिक चर्चा का आयोजन किया गया। वहीं डॉ. वाई. एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड फॉरेस्टरी, सोलन में अनुज एवं अभिषेक जंगटा के नेतृत्व में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त HPU Regional Centre धर्मशाला में गौरव के नेतृत्व में संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम में डॉ. शमशेर राठौर, डॉ. प्रदीप, डॉ. उषा, डॉ. संयोगिता, डॉ. संग राम, डॉ. मशटेंटा एवं डॉ. अंजना सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वहीं विभिन्न विभागों के शोधार्थियों एवं छात्र प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी विकास और युवा सशक्तिकरण के लिए राजीव गांधी जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को राजीव गांधी जी के आधुनिक एवं प्रगतिशील भारत के विजन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।