राजेश धर्माणी ने पत्नी संग किया मतदान, युवाओं से की अपील

rakesh nandan

30/05/2026

नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री Rajesh Dharmani ने शनिवार को पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे एवं अंतिम चरण के चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने घुमारवीं विकास खंड के अंतर्गत अपनी गृह पंचायत पनौल के मतदान केंद्र में पहुंचकर अपनी धर्मपत्नी Sonika Dharmani के साथ मतदान किया।

मतदान के बाद मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रदेशवासियों को लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अधिक से अधिक मतदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति जनता की सक्रिय भागीदारी में निहित है और प्रत्येक नागरिक का मत लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

धर्माणी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र नागरिकों को यह अधिकार देता है कि वे पंचायत स्तर से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव स्वयं करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव विशेष महत्व रखते हैं क्योंकि पंचायतें आम जनता के सबसे निकट कार्य करने वाली लोकतांत्रिक संस्थाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय समस्याओं के समाधान में पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए पंचायत प्रतिनिधियों का चयन सोच-समझकर और जनहित को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

मंत्री ने विशेष रूप से युवा मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की भूमिका लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवा केवल मतदाता नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता भी हैं। इसलिए उन्हें ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना चाहिए जो ईमानदार, दूरदर्शी, जनसेवा के प्रति समर्पित और विकास की स्पष्ट सोच रखने वाले हों।

राजेश धर्माणी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का विकास उसके नेतृत्व की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। यदि जनता योग्य और जिम्मेदार प्रतिनिधियों का चुनाव करती है तो प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है और विकास कार्यों में तेजी आती है। उन्होंने कहा कि बेहतर जनप्रतिनिधि बेहतर शासन और बेहतर विकास की गारंटी होते हैं।

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मतदान करते समय जाति, क्षेत्र या व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर विकास, जनहित और भविष्य की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग तकनीकी रूप से जागरूक है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका है। यह तभी संभव होगा जब लोकतांत्रिक संस्थाओं में ऐसे लोगों का चयन किया जाए जो समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की दिशा में कार्य करें।

राजेश धर्माणी ने यह भी कहा कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतंत्र की आधारशिला हैं। गांवों के विकास की योजनाएं, स्थानीय स्तर पर निर्णय और जनहित से जुड़े अनेक कार्य पंचायतों के माध्यम से ही संचालित होते हैं। इसलिए पंचायत चुनावों में जनता की अधिकतम भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने चुनाव में विजयी होने वाले सभी उम्मीदवारों से अपेक्षा जताई कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि जनता ने जिन प्रतिनिधियों को चुना है, उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र के विकास और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें।

मंत्री ने उन उम्मीदवारों का भी उत्साहवर्धन किया जो चुनाव में सफलता प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव परिणाम अंतिम लक्ष्य नहीं होते, बल्कि समाज सेवा की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे उम्मीदवारों को भी समाज और राष्ट्र के विकास के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते रहना चाहिए।

अंत में राजेश धर्माणी ने प्रदेशवासियों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने की अपील करते हुए कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही लोकतंत्र मजबूत और समृद्ध बनता है।