सर्विकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों के लिए मुफ्त टीकाकरण का अब अंतिम अवसर बचा है। स्वास्थ्य विभाग ने पात्र लड़कियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि इस गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी Dr. Ajay Atri ने बताया कि शनिवार को जिले में 43 लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही जिले में इस अभियान के तहत टीका लगवाने वाली लड़कियों की कुल संख्या बढ़कर 1414 हो गई है।
उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान 31 मई को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 15 वर्ष की आयु पार कर चुकी लड़कियों को इस विशेष सरकारी अभियान के अंतर्गत मुफ्त टीका लगवाने का अवसर उपलब्ध नहीं रहेगा। इसलिए पात्र आयु वर्ग की सभी लड़कियों को समय रहते टीकाकरण करवाने की सलाह दी गई है।
डॉ. अजय अत्री ने कहा कि एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण महिलाओं में सर्विकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। यह संक्रमण लंबे समय तक शरीर में बना रहने पर गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। समय पर टीकाकरण करवाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा अध्ययनों के अनुसार सर्विकल कैंसर से प्रभावित लगभग 99.7 प्रतिशत महिलाओं में इसका मुख्य कारण लंबे समय तक रहने वाला एचपीवी संक्रमण पाया गया है। यही कारण है कि विश्वभर में एचपीवी वैक्सीन को सर्विकल कैंसर की रोकथाम का प्रभावी माध्यम माना जाता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार एक अध्ययन में यह पाया गया है कि प्रत्येक एक लाख महिलाओं में लगभग 14 महिलाएं सर्विकल कैंसर से प्रभावित होती हैं। महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसरों में स्तन कैंसर के बाद सर्विकल कैंसर दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। इस कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके प्रति विशेष जागरूकता और समय पर बचाव पर जोर देते हैं।
उन्होंने कहा कि सर्विकल कैंसर धीरे-धीरे विकसित होने वाली बीमारी है, लेकिन यदि समय रहते रोकथाम के उपाय अपनाए जाएं तो इसके खतरे को काफी कम किया जा सकता है। एचपीवी वैक्सीन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किशोरावस्था में लगाए जाने पर अधिक प्रभावी मानी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान विशेष रूप से 14-15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया था। अभियान का उद्देश्य भविष्य में महिलाओं को सर्विकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाना और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।
डॉ. अजय अत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान न दें और अपनी बेटियों का टीकाकरण समय पर करवाएं। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। देश और दुनिया के अनेक स्वास्थ्य संगठन भी इसके उपयोग की अनुशंसा करते हैं।
उन्होंने शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समितियों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से भी सहयोग की अपील की। उनका कहना है कि समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी से ही इस प्रकार के जनस्वास्थ्य अभियानों को सफल बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के अंतिम दिन तक अधिक से अधिक पात्र लड़कियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और स्कूलों के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सर्विकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने सभी पात्र लड़कियों और उनके अभिभावकों से 31 मई से पहले टीकाकरण सुनिश्चित करने की अपील की ताकि भविष्य में इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।