भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक Sudhir Sharma ने क्रैक अकादमी और उससे जुड़े हालिया घटनाक्रमों को लेकर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि जिस संस्था को राज्य सरकार ने हजारों युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए बड़े स्तर पर प्रचारित किया था, आज उसी संस्था से संबंधित मामलों के चर्चा में आने से कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े हो गए हैं।
सुधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने नवंबर 2024 में क्रैक अकादमी के साथ एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना की घोषणा और प्रचार किया था। उनके अनुसार इस योजना के माध्यम से लगभग 6800 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहायता प्रदान करने की बात कही गई थी तथा इसके लिए करीब 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना का उल्लेख किया गया था।
उन्होंने कहा कि उस समय इस पहल को बड़े पैमाने पर प्रचारित किया गया और इसे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया। सरकार की ओर से इसे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल बताया गया था।
भाजपा विधायक ने कहा कि अब विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में कुछ प्रमोटरों के नाम जांच एजेंसियों की कार्रवाई से जुड़े होने की खबरें सामने आ रही हैं। इन रिपोर्टों के बाद प्रदेश की जनता, विशेष रूप से छात्र और अभिभावक, यह जानना चाहते हैं कि सरकार ने संबंधित संस्था के चयन और उसके साथ साझेदारी की प्रक्रिया किस आधार पर तय की थी।
सुधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा किसी भी जांच एजेंसी की कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं कर रही है और न ही किसी जांच को प्रभावित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर अपनी कार्रवाई करेंगी। लेकिन जब कोई निजी संस्था किसी सरकारी कार्यक्रम या योजना का प्रमुख हिस्सा बनती है, तब उसके चयन की प्रक्रिया और जवाबदेही को लेकर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रवृत्ति योजना की वर्तमान स्थिति क्या है, अब तक कितने विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है और इस योजना के क्रियान्वयन की वास्तविक प्रगति क्या रही है। साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि संस्था के चयन के लिए कौन-कौन से मानक अपनाए गए थे।
सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के हजारों छात्र और उनके परिवार इस योजना से जुड़े रहे हैं। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस विषय पर पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना को सार्वजनिक धन और युवाओं के भविष्य से जोड़ा जाता है, तब उसकी जवाबदेही और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई योजनाओं और कार्यक्रमों का बड़े स्तर पर प्रचार किया, लेकिन अनेक मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों में सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर सरकारी प्रक्रियाओं में कोई चूक हुई है तो उसकी समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस पूरे मामले की स्वतंत्र समीक्षा करवाने पर विचार करेगी और यदि कोई प्रशासनिक या प्रक्रियागत कमी सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।
सुधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा प्रदेश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। युवाओं का भविष्य राजनीति से ऊपर का विषय है और इस पर पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारों की जवाबदेही जनता के प्रति होती है। इसलिए सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। जनता को यह जानने का अधिकार है कि जिन योजनाओं का व्यापक प्रचार किया गया, उनका वास्तविक परिणाम क्या रहा।
सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश की जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही के बारे में स्पष्ट जानकारी चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर विस्तृत स्पष्टीकरण देकर जनता की शंकाओं का समाधान करेगी।