कानून व्यवस्था पर बिंदल का हमला, सरकार पर सवाल

rakesh nandan

14/04/2026

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था का मुद्दा गरमा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रदेश में बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

प्रेस को संबोधित करते हुए डॉ. बिंदल ने सरकाघाट में 19 वर्षीय छात्रा की निर्मम हत्या को अत्यंत दुखद और भयावह बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हत्या होना एक अलग बात है, लेकिन जिस बर्बरता से यह घटना हुई, वह हिमाचल की सभ्यता और संस्कृति के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर नशे के खिलाफ अभियान चलाने का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर नशे में धुत युवक द्वारा दिनदहाड़े इस तरह की घटना को अंजाम दिया जाता है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ा है। उन्होंने चंबा में दलित युवक की हत्या, मंडी में युवती की हत्या और अन्य स्थानों पर गैंगवार तथा गोलीबारी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का डर समाप्त होता जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चिट्टा माफिया, खनन माफिया, वन माफिया, कबाड़ माफिया और ट्रांसफर माफिया सक्रिय हैं और सरकार इनके सामने असहाय नजर आ रही है।

उन्होंने कहा, “आज हिमाचल में आम आदमी सुरक्षित नहीं है—न बेटियां सुरक्षित हैं, न ही अधिकारी।”

डॉ. बिंदल ने सरकार की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार जनता की पीड़ा को समझने में असफल रही है।

उन्होंने प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक अस्थिरता का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों के बीच आपसी मतभेद और शीर्ष अधिकारियों के बीच टकराव के कारण शासन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

“प्रदेश में टॉप अधिकारियों के बीच खींचतान और सत्ता के भीतर टग ऑफ वॉर का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है,” उन्होंने कहा।

औद्योगिक विकास के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. बिंदल ने ऊना में बन रहे बल्क ड्रग पार्क का उल्लेख किया और इसे केंद्र सरकार की योजना बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, लेकिन राज्य सरकार ने इसे आगे बढ़ाने में देरी की है।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा दिए गए औद्योगिक पैकेज का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इससे हिमाचल में उद्योगों का विस्तार हुआ था।

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह संगठित है और कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह को छिपाने के लिए ऐसे बयान दे रही है। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें लगता है कि भाजपा कमजोर है, तो चुनाव घोषित कर दिए जाएं और जनता फैसला कर देगी।

अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि वर्तमान सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल रही है और नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का अधिकार खो चुकी है।

“हिमाचल में कानून का राज नहीं, बल्कि माफियाओं का राज चल रहा है—और इसका जवाब जनता जरूर देगी,” उन्होंने कहा।

कुल मिलाकर, यह बयान हिमाचल प्रदेश में कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और राजनीतिक स्थिरता को लेकर चल रही बहस को और तेज करने वाला साबित हो रहा है।