बिंदल का कांग्रेस पर हमला, महिला बिल पर घेरा

rakesh nandan

22/04/2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Rajeev Bindal ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसने कांग्रेस की कथित “एंटी-वूमेन” मानसिकता को उजागर कर दिया है।

Rajeev Bindal ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को नीति निर्धारण में भागीदारी देने का प्रयास किया गया, जो एक ऐतिहासिक कदम था। लेकिन उनके अनुसार, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस पहल का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने में बाधा डाली।

उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में केंद्र सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं और अब उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का समय आया था। उनके अनुसार, यह वह अवसर था जब देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाना था।

बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक महिला आरक्षण के मुद्दे को लंबित रखा और जब इसे लागू करने का अवसर आया, तब उसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं ले रहे हैं। उनके अनुसार, यह स्थिति प्रदेश की महिलाओं के हितों के खिलाफ है और इसका जवाब जनता चुनाव में देगी।

Rajeev Bindal ने घोषणा की कि 23 अप्रैल को Shimla में “जन आक्रोश पदयात्रा” आयोजित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने दूसरा बड़ा मुद्दा उठाते हुए प्रदेश सरकार पर पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को टालने का प्रयास किया और संवैधानिक प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न की।

बिंदल ने दावा किया कि चुनाव आयोग को राज्यपाल को विस्तृत रिपोर्ट भेजनी पड़ी, जिसमें सरकार द्वारा सहयोग न करने का उल्लेख किया गया था। उनके अनुसार, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास था।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र से प्राप्त वित्त आयोग की राशि को राज्य सरकार द्वारा अपने पास रख लिया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल विकास रुका, बल्कि स्थानीय प्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हुआ।

Rajeev Bindal ने शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था की जीत बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंचायती राज चुनाव भी घोषित होंगे और जनता अपने मत के माध्यम से जवाब देगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के बयान चुनावी माहौल को और अधिक सक्रिय बनाते हैं। इससे विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज होती है और मुद्दों पर बहस को बढ़ावा मिलता है।

अंत में, Rajeev Bindal ने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पर उन्होंने इसके विपरीत कार्य करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय जनता के हाथ में है और वही तय करेगी कि किस दिशा में प्रदेश की राजनीति आगे बढ़ेगी।