SC आयोग के समक्ष भेदभाव व सड़क का मामला उठा

rakesh nandan

22/04/2026

हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री Kuldeep Dhiman से बुधवार को उनके कार्यालय में जिला हमीरपुर की तहसील भोरंज के गांव बल्ह बलेत से आए अनुसूचित जाति समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने गांव में सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ कथित जातिगत भेदभाव और मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप आयोग के समक्ष रखे।

इस बैठक में आयोग के सदस्य Digvijay Malhotra, Vijay Dogra, Shalini Jamwal तथा सदस्य सचिव Vinay Modi भी मौजूद रहे। सभी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि गांव में पहले से एक पक्का रास्ता उपलब्ध था, लेकिन नई सड़क निर्माण के दौरान उस रास्ते को हटा दिया गया, जिससे अनुसूचित जाति समुदाय के लगभग 12 परिवारों तक सड़क सुविधा समाप्त हो गई है। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल की ओर से Raj Mahe, जो राष्ट्रीय दलित मानव अधिकार अभियान के राज्य महासचिव हैं, ने बताया कि सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने में विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, खासकर बरसात के मौसम में जब रास्ते और भी दुर्गम हो जाते हैं।

Kuldeep Dhiman ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव करना या उसे मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि आयोग इस मामले की तथ्यात्मक स्थिति की जांच करेगा और जो भी आवश्यक होगा, वह कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाता है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिल सके।

Kuldeep Dhiman ने यह भी दोहराया कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयोग को प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि न्याय समयबद्ध तरीके से मिले।

इस मौके पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष Balram Mahe सहित गांव बल्ह बलेत के Rajinder और Mahinder सहित अन्य ग्रामीण भी उपस्थित रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों को गंभीरता से उठाना और प्रशासनिक स्तर पर उनका समाधान करना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल प्रभावित लोगों को राहत मिलती है, बल्कि समाज में समानता और न्याय की भावना भी मजबूत होती है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक समानता से जुड़े मुद्दों को उजागर करता है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में कितनी जल्दी और प्रभावी कार्रवाई करते हैं।