प्रियंका वर्मा ने नशा मुक्त ई-शपथ की अपील की

rakesh nandan

19/05/2026

उपायुक्त Priyanka Verma ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला सिरमौर के आमजन, सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से नशा न करने की ई-शपथ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जन सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से ही नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त सिरमौर की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि समाज को नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ई-शपथ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत लोग ऑनलाइन माध्यम से ‘से नो टू ड्रग्स’ की शपथ लेकर नशे के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दर्ज कर सकते हैं।

उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि वे NMBA E-Pledge Portal पर जाकर ई-शपथ लें। इसके अलावा एनएमबीए ई-प्रतिज्ञा क्यूआर कोड स्कैन करके भी इस अभियान में भाग लिया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ई-शपथ लेने के बाद लोग अपनी शपथ और संबंधित गतिविधियों की तस्वीरें भी पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। इससे नशा मुक्त समाज की दिशा में चल रहे प्रयासों को मजबूती मिलेगी और लोगों में जागरूकता बढ़ेगी।

प्रियंका वर्मा ने बताया कि ई-शपथ से प्राप्त आंकड़े जिला स्तर पर भागीदारी और नशा मुक्त भारत अभियान के तहत चलाई जा रही जागरूकता गतिविधियों के प्रभाव का आकलन करने में भी सहायक होंगे।

उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है और इसे रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।

उपायुक्त ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला सिरमौर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताएं, सेमिनार, वेबिनार, ड्राइंग प्रतियोगिताएं, कार्यशालाएं, रैलियां, नुक्कड़ नाटक, मैराथन और वॉकथॉन जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

जिला प्रशासन का मानना है कि शिक्षा संस्थानों के माध्यम से युवाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंच बनाई जा सकती है। इसलिए स्कूलों और कॉलेजों को इस अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

प्रियंका वर्मा ने सभी सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि यदि समाज संगठित होकर इस दिशा में कार्य करे तो नशा मुक्त सिरमौर का लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य के लिए नशा मुक्त वातावरण जरूरी है। प्रशासन लगातार जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।

जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि अधिक से अधिक लोग ई-शपथ अभियान से जुड़ेंगे और नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।