प्रेमनगर स्कूल के बच्चों ने किया जोहड़ जी का शैक्षणिक भ्रमण

rakesh nandan

06/06/2026

प्रेमनगर स्कूल के विद्यार्थियों ने किया जोहड़ जी का शैक्षणिक भ्रमण, प्रकृति और स्थानीय विरासत से हुए रूबरू

सिरमौर। शिक्षा खंड सराहां के अंतर्गत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला प्रेमनगर के विद्यार्थियों के लिए सामाजिक विज्ञान विषय के अंतर्गत एक विशेष शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘हमारे आसपास का संसार’ पाठ्यक्रम के तहत आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को अपने आसपास के प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परिवेश से परिचित कराना था।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल जोहड़ जी गुरुद्वारा का भ्रमण करवाया गया। इसके साथ ही बच्चों ने प्राकृतिक सराई की जोहड़ी (तालाब) तथा आसपास के प्राकृतिक और दर्शनीय क्षेत्रों का भी अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने स्थानीय पर्यावरण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

विद्यालय की अध्यापिका सृष्टि शर्मा ने बताया कि ‘नेचर ट्रेल’ गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके आसपास के वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और महत्वपूर्ण स्थलों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि कक्षा में पढ़ाई जाने वाली विषयवस्तु को वास्तविक जीवन से जोड़ने के लिए इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने केवल प्राकृतिक स्थलों का अवलोकन ही नहीं किया, बल्कि कई रचनात्मक और शिक्षाप्रद गतिविधियों में भी भाग लिया। बच्चों ने गीत-संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके अलावा थंब पेंटिंग गतिविधि के माध्यम से प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े चित्र तैयार किए गए।

विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के पौधों का अध्ययन करते हुए हर्बेरियम (Herbarium) भी तैयार किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को पौधों की विभिन्न प्रजातियों, उनकी विशेषताओं और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। शिक्षकों ने बच्चों को पौधों के महत्व और जैव विविधता संरक्षण के बारे में भी जागरूक किया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा रहा। विद्यार्थियों ने सराई जोहड़ (तालाब) के आसपास सफाई अभियान चलाया और स्वच्छता का संदेश दिया। बच्चों ने स्थानीय लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने साफ-सफाई बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने का संकल्प लिया।

भ्रमण कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए एक विशेष क्लास पार्टी का भी आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अपने घरों से पारंपरिक व्यंजन लाकर एक-दूसरे के साथ साझा किए। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में सहयोग, साझेदारी और सामाजिक मूल्यों की भावना को विकसित करना था।

विद्यालय की ओर से भी विद्यार्थियों के लिए जूस और फल उपलब्ध करवाए गए। बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन का आनंद लिया और पूरे दिन उत्साह एवं खुशी के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

विद्यालय के प्रभारी मायाराम शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कक्षा के बाहर आयोजित होने वाली गतिविधियां विद्यार्थियों के ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को अपने आसपास के क्षेत्र, स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और इतिहास के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है। साथ ही उनमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होती है।

मायाराम शर्मा ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से विद्यालय समय-समय पर इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन करता है।

पूरे भ्रमण के दौरान बच्चे उत्साहित और आनंदित दिखाई दिए। उन्होंने प्रकृति के बीच समय बिताया, नई जानकारियां हासिल कीं और कई रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। विद्यार्थियों ने इस शैक्षणिक भ्रमण को यादगार अनुभव बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।

विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विरासत के प्रति जागरूकता भी विकसित करेंगी।