पूह में भारत-चीन व्यापार को लेकर व्यापारियों की बैठक

rakesh nandan

04/06/2026

पूह में भारत-चीन व्यापार को लेकर अधिकारियों और व्यापारियों की बैठक आयोजित

किन्नौर। भारत-चीन व्यापार को सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से मिनी सचिवालय पूह के सम्मेलन कक्ष में स्थानीय व्यापारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सहायक उपायुक्त किन्नौर विपन कुमार ने की। बैठक में सीमा व्यापार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान सहायक उपायुक्त विपन कुमार ने भारत-चीन व्यापार से संबंधित आयात एवं निर्यात गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने अधिकारियों और व्यापारियों को उन उत्पादों की रेखांकित सूची से अवगत कराया, जिन्हें सीमा व्यापार के अंतर्गत आयात और निर्यात किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है ताकि व्यापारिक गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो और स्थानीय व्यापारियों को निर्धारित प्रक्रियाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

उन्होंने बताया कि पारंपरिक सीमा व्यापार के अंतर्गत चीन से जूते, याक ऊन तथा पश्मीना ऊन जैसे उत्पादों का आयात किया जा सकेगा। वहीं भारत की ओर से हथकरघा शाल, कृषि उपकरण और आयुर्वेदिक दवाइयों सहित अन्य स्वीकृत उत्पादों का निर्यात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन व्यापारिक गतिविधियों से स्थानीय व्यापारियों को नए अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सहायक उपायुक्त ने बताया कि व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए तहसीलदार पूह भीम सिंह नेगी को ट्रेड ऑफिसर नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंजीकृत व्यापारियों को पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ट्रेड परमिट जारी किए जाएंगे। इससे केवल पात्र और पंजीकृत व्यापारी ही सीमा व्यापार में भाग ले सकेंगे तथा व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता बनी रहेगी।

बैठक के दौरान सीमा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने नमज्ञा-शिपकीला सड़क की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। सड़क संपर्क सीमा व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके माध्यम से व्यापारिक वस्तुओं का परिवहन सुचारू रूप से किया जा सकता है। अधिकारियों ने सड़क से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करते हुए भविष्य में इसके बेहतर रखरखाव और उपयोगिता पर भी विचार-विमर्श किया।

इसके अतिरिक्त, सहायक उपायुक्त ने 72 लाख रुपये की लागत से निर्मित छुपप्न ट्रेड मार्ट की स्थिति और उपयोगिता के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य में इसके उपयोग को लेकर भी चर्चा की। अधिकारियों ने ट्रेड मार्ट की वर्तमान स्थिति और उससे मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी बैठक में साझा की।

बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने भी अपने सुझाव और समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। व्यापारियों ने सीमा व्यापार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, प्रक्रियाओं और सुविधाओं पर अपने विचार साझा किए। अधिकारियों ने व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा व्यापार से जुड़े सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और व्यापारिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाना था। अधिकारियों ने कहा कि भारत-चीन सीमा व्यापार स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके माध्यम से क्षेत्र में रोजगार तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में सहायक आयुक्त लुधियाना कस्टम मुकेश कुमार मीणा, तहसीलदार पूह एवं ट्रेड ऑफिसर भीम सिंह नेगी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुरु लाल नेगी, पूह व्यापार संघ के अध्यक्ष हिसे नेगी सहित अनेक स्थानीय व्यापारी उपस्थित रहे। इसके अलावा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नई दिल्ली से डीजीएफटी के सहायक निदेशक आदित्य सिंह और जितेंद्र कुमार भी बैठक में शामिल हुए।