विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू करेंगे चिनार रोपण अभियान का शुभारंभ, रिज मैदान में कार्यक्रम में भी होंगे शामिल
शिमला। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू 5 जून को शिमला में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे। दिनभर के कार्यक्रमों में वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता अभियान तथा प्रकृति संरक्षण से जुड़े विभिन्न आयोजन शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने आधिकारिक आवास ओक-ओवर में प्रातः 9 बजे चिनार वृक्षारोपण अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर चिनार के पौधे रोपे जाएंगे और प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के लिए विशेष संदेश दिया जाएगा। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए वृक्षारोपण गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
चिनार वृक्ष अपने आकर्षक स्वरूप और पर्यावरणीय महत्व के लिए जाना जाता है। इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में हरियाली बढ़ाने, जैव विविधता को प्रोत्साहित करने तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि वृक्षारोपण जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी माध्यम है।
इसके बाद मुख्यमंत्री प्रातः 9:30 बजे शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पहुंचेंगे। यहां पुलिस विभाग तथा पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष समारोह आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
रिज मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एंटी चिट्टा, क्लीन एंड ग्रीन हिमाचल तथा जनगणना जागरूकता मिनी रैली के समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इन अभियानों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा करना और युवाओं तथा आम नागरिकों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना है।
एंटी चिट्टा अभियान विशेष रूप से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा है। वहीं क्लीन एंड ग्रीन हिमाचल अभियान के माध्यम से प्रदेश को स्वच्छ और हरित बनाने का संदेश दिया जा रहा है। जनगणना जागरूकता अभियान का उद्देश्य नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया और उसके महत्व के प्रति जागरूक करना है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, सामाजिक संगठन और आम नागरिक भी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास से जुड़े संदेश दिए जाएंगे। साथ ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का दिन का तीसरा प्रमुख कार्यक्रम सायं 4:20 बजे निर्धारित है। इस दौरान वे वन विभाग द्वारा कम्याणा हिल टॉप पर विकसित किए गए नेचर ट्रेल के प्रथम चरण का लोकार्पण करेंगे। यह नेचर ट्रेल पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति पर्यटन और लोगों को प्राकृतिक धरोहरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
नेचर ट्रेल के माध्यम से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और वन संपदा के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा यह परियोजना पर्यावरण शिक्षा और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा देगी।
राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार विभिन्न योजनाएं और अभियान चलाए जा रहे हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित ये कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ, जागरूकता कार्यक्रमों में सहभागिता और नेचर ट्रेल का लोकार्पण पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रदेशभर में भी विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।