भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2028 तक बढ़ाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस फैसले को ग्रामीण भारत के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम बताया।
केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत
डॉ. बिंदल ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना देश के करोड़ों ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगी।
योजना का बढ़ा बजट और दायरा
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III का कुल परिव्यय बढ़ाकर ₹83,977 करोड़ कर दिया गया है। पहले यह राशि ₹80,250 करोड़ थी। बजट में यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।
प्रमुख बिंदु
डॉ. बिंदल ने योजना के तहत लिए गए प्रमुख निर्णयों को भी रेखांकित किया:
- 161 नए पुलों के निर्माण को मंजूरी, जिनकी लागत लगभग ₹961 करोड़
- लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समयसीमा मार्च 2028 तक बढ़ाई गई
- कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में समयसीमा मार्च 2029 तक बढ़ाई गई
- कुल वित्तीय आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गांवों को कृषि बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
हिमाचल के लिए विशेष महत्व
डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पहाड़ी राज्य में सड़क ही विकास की धुरी होती है। उन्होंने कहा, “हिमाचल जैसे प्रदेश में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का मतलब है शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक आसान पहुंच।”
किसानों और बागवानों को फायदा
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कों के निर्माण से किसानों और बागवानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
डॉ. बिंदल ने यह भी कहा कि इस योजना के विस्तार से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इससे ग्रामीण युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि गांव-गांव तक विकास, अवसर और समृद्धि पहुंचाना है। उन्होंने इसे “विकसित भारत 2047” के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह योजना आने वाले समय में देश के ग्रामीण क्षेत्रों को नई दिशा देगी।