हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में गौ संरक्षण को लेकर एक बड़ा जन अभियान देखने को मिला। यहां गौ सेवकों ने एसडीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर गौ माता को “राष्ट्रीय माता” घोषित करने की मांग उठाई है। इस अभियान के तहत शहर में व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
इस अभियान का नेतृत्व गौ सेवक सचिन ओबरॉय द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि “गौ सम्मान अभियान” के तहत देशभर में एक बड़े स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाना और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश के लिए स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
पांवटा साहिब में आयोजित इस अभियान के दौरान लगभग 5,000 लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी सहमति और समर्थन जताया। इसके बाद इन हस्ताक्षरों के साथ एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को भेजा गया। इस ज्ञापन में गौवंश की सुरक्षा, उनके लिए आश्रय की व्यवस्था और उन्हें राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
सचिन ओबरॉय ने बताया कि यह अभियान केवल पांवटा साहिब तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर की 5,000 तहसीलों में इसे चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत लगभग 5 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सरकार तक इस मांग को मजबूती से पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सड़कों पर बड़ी संख्या में बेसहारा गौवंश घूमता नजर आता है, जो न केवल खुद के लिए खतरा है बल्कि यातायात और आम जनता के लिए भी परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में इन पशुओं के लिए उचित आश्रय और देखभाल की व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।
गौ सेवकों का मानना है कि यदि गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाता है, तो इससे उनके संरक्षण के लिए ठोस नीतियां बनाई जा सकेंगी और समाज में भी उनके प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि पर्यावरण, कृषि और सामाजिक संतुलन से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।
इस अभियान में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। लोगों का कहना है कि गौवंश की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और इस दिशा में जनसहभागिता भी जरूरी है।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि पांवटा साहिब में चलाया गया यह हस्ताक्षर अभियान एक बड़े जन आंदोलन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य गौ संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करना है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मांग पर सरकार किस प्रकार का रुख अपनाती है।