हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता सामने आई है। जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक कार से चिट्टा (हेरोइन) बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिससे पुलिस की सतर्कता और सक्रियता एक बार फिर साबित हुई है।
जानकारी के अनुसार, 26 अप्रैल 2026 को डिटेक्शन सेल, पुलिस उपमंडल राजगढ़ को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि एक वाहन (HP 08 AA 6888) सोलन से गिरीपुल की ओर जा रहा है, जिसमें सवार दो युवक चिट्टा/हेरोइन की खेप लेकर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सोलन-गिरीपुल मुख्य सड़क पर नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहन को रोक लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को ड्राइवर सीट के पास वाली सीट के कवर के अंदर छिपाकर रखा गया 0.70 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुआ। यह मात्रा भले ही कम प्रतीत होती हो, लेकिन नशे के खिलाफ सख्ती के तहत पुलिस हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अनिल चौहान (31 वर्ष) पुत्र सुरेन्द्र सिंह और संजीव चौहान (32 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय मनीराम चौहान, दोनों निवासी गांव मड़ावग, तहसील चौपाल, जिला शिमला के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
इस मामले में पुलिस थाना पच्छाद में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कहां से लेकर आए थे और इसे कहां पहुंचाने वाले थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नशे से संबंधित कोई गतिविधि नजर आती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हिमाचल प्रदेश में हाल के वर्षों में नशा तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है, जिसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों और मुख्य मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का ही नहीं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ समाज को भी जागरूक होना होगा, ताकि युवाओं को इस बुराई से दूर रखा जा सके।
अंततः, पच्छाद पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है कि कानून के हाथ लंबे हैं और इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।