चियोग में स्कूल व सब-स्टेशन की बड़ी घोषणाएं

rakesh nandan

27/04/2026

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के चियोग में विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यहां आयोजित जनसभा में क्षेत्र के लिए शिक्षा, ऊर्जा और सड़क ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चियोग के नए भवन के निर्माण के लिए 5.50 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस स्कूल में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। यह कदम क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने चियोग क्षेत्र में 66 केवी सब-स्टेशन की स्थापना के लिए 16 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली समस्या का समाधान होगा।

सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एफआरए (Forest Rights Act) के तहत स्वीकृत विभिन्न सड़कों के लिए भी समुचित धन उपलब्ध करवाने की घोषणा की। इनमें बंगापानी-चडैल, चियोग-जठाई, धलैऊ-जनुनाला, चियोग-मेहाना, धलैऊ-धार, फागू-सरिवन और जुब्बड़-कढरब सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा धरेच सिंचाई परियोजना के लिए भी धन उपलब्ध करवाने की बात कही गई।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है और वर्तमान में हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 151 सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं, जहां सभी विषयों के अध्यापक उपलब्ध करवाए जाएंगे।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा केवल विरोध की राजनीति करती है, जबकि उनकी सरकार विकास के एजेंडे पर काम कर रही है। “हम विरोध से डरते नहीं हैं,” उन्होंने स्पष्ट कहा।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए “ग्रीन पंचायत” की अवधारणा पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि धरेच में 500 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र शुरू हो चुका है, जिससे संबंधित पंचायत को प्रतिवर्ष लगभग 14 लाख रुपये की आय होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

सामाजिक कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अनाथ बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा दिया है। इसके अलावा इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च सरकार वहन कर रही है। वहीं डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना के तहत छात्रों को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जा चुकी है और पुरानी मशीनों को आधुनिक तकनीक से बदला जा रहा है। इससे लोगों को बेहतर और विश्वस्तरीय उपचार सुविधा प्रदेश में ही मिल रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के हित में भी कार्य कर रही है। मंडी मध्यस्थता योजना के तहत 110 करोड़ रुपये का सेब खरीदा गया है। इसके साथ ही दूध के दाम बढ़ाकर गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की और चार महिला मंडलों को एक-एक लाख रुपये देने की भी घोषणा की। इससे पहले उन्होंने जय ईश्वरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की और मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी क्षेत्र के विकास कार्यों पर प्रकाश डाला और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

अंततः, चियोग में की गई ये घोषणाएं क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। शिक्षा, ऊर्जा, सड़क और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े इन निर्णयों का लाभ आने वाले समय में स्थानीय लोगों को व्यापक रूप से मिलेगा।