हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 18 से 20 अप्रैल तक ऊना जिले के तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों का लोकार्पण, निरीक्षण और विभागीय बैठकों के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा करेंगे। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता द्वारा दी गई है।
उपमुख्यमंत्री का यह दौरा विशेष रूप से पेयजल और सिंचाई योजनाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित रहेगा। उनके कार्यक्रम के अनुसार, 18 अप्रैल को वे हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे।
सुबह 10:30 बजे वे दुलेहड़ में जलापूर्ति योजना का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 11 बजे पोलियाँ (मोहल्ला झोलाँ) में उठाऊ सिंचाई योजना का लोकार्पण किया जाएगा। 11:30 बजे ढुग्गे, लूथरे, डिट्टन और ढिलमा क्षेत्रों के लिए अलग जलापूर्ति योजना को जनता को समर्पित किया जाएगा।
दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक बट्ट कलाँ और पलकवाह क्षेत्रों में उठाऊ सिंचाई योजना का उद्घाटन किया जाएगा। इसके पश्चात 1 बजे लोअर बढेड़ा में जलापूर्ति योजना के सुदृढ़ीकरण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। वहीं 1:30 बजे खड्ड गांव के मोहल्ला ढंडियाँ में ट्यूबवेल निर्माण कार्य का उद्घाटन किया जाएगा।
इसके अलावा, दोपहर बाद 3:30 बजे कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में चमियाडी-सिहाना उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण भी उपमुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
19 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री जिले में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे। इनमें जल शक्ति विभाग, सहकारिता विभाग, एलएसी, एचआरटीसी तथा परिवहन विभाग शामिल हैं। इन बैठकों में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
20 अप्रैल को उपमुख्यमंत्री चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे। यहां वे दोपहर 12 बजे अरुणवाल गुरेट और कोहरछन्न क्षेत्रों में उठाऊ पेयजल योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में जल संकट को दूर करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री का मुख्य फोकस विकास कार्यों की गति को तेज करना और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना रहेगा। इसके साथ ही, वे अधिकारियों को निर्देश देंगे कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
यह दौरा ऊना जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से पेयजल और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद अहम हैं, जो कृषि और दैनिक जीवन दोनों को प्रभावित करती हैं।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि उपमुख्यमंत्री का यह दौरा विकास कार्यों को गति देने और जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद की जा रही है।