मंडी में सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारकों से बैंक खातों की आधार सीडिंग जल्द करवाने की अपील
जिला कल्याण अधिकारी मंडी समीर ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे सभी लाभार्थियों से अपने बैंक अथवा डाकघर खातों की आधार सीडिंग शीघ्र करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आधार सीडिंग समय पर पूरी न होने की स्थिति में पेंशन वितरण में देरी अथवा अन्य तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जिला कल्याण अधिकारी ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान अब एसएनए स्पर्श पोर्टल के आधार आधारित भुगतान मॉड्यूल के माध्यम से किया जाना है। इस नई प्रणाली के तहत सभी पेंशनधारकों के बैंक एवं डाकघर खातों का आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि जिन लाभार्थियों के खाते अभी तक आधार से लिंक नहीं हुए हैं, वे शीघ्र संबंधित बैंक शाखा या डाकघर में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूर्ण करवाएं। इससे भविष्य में पेंशन राशि के भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।
समीर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाना है। डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया that सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य सहायता योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों को दिया जा रहा है। ऐसे में सभी लाभार्थियों के खातों का आधार से लिंक होना अत्यंत आवश्यक है।
जिला कल्याण अधिकारी ने अधीक्षक डाकघर मंडी और लीड बैंक प्रबंधक (पीएनबी) मंडी से भी इस संबंध में सहयोग की अपील की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले सभी लाभार्थियों के खातों की आधार सीडिंग स्थिति का सत्यापन करने और इसकी रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा है।
उन्होंने बताया कि जिन खातों में अभी तक आधार सीडिंग नहीं हुई है, वहां संबंधित पेंशनधारकों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन चाहता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से पेंशन सुविधा से वंचित न रहे।
समीर ने कहा कि समय पर आधार सीडिंग सुनिश्चित होने से पेंशन वितरण में देरी, भुगतान विफलता या अन्य तकनीकी समस्याओं से बचा जा सकेगा। इससे लाभार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त होगी और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सभी तहसील कल्याण अधिकारियों को भी संबंधित बैंकों और डाकघरों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील स्तर पर पेंशनरों के खातों की आधार सीडिंग स्थिति की जानकारी एकत्र की जा रही है ताकि प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधार आधारित भुगतान प्रणाली से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही लाभ सीधे पात्र व्यक्ति के खाते में पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनती है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली के बढ़ते उपयोग के साथ अब अधिकांश सरकारी योजनाओं में आधार सीडिंग को अनिवार्य बनाया जा रहा है। इससे सरकारी सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा सकती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
जिला प्रशासन ने पेंशनधारकों से अपील की है कि वे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ जल्द से जल्द अपने संबंधित बैंक या डाकघर में संपर्क करें। यदि किसी लाभार्थी को प्रक्रिया संबंधी कोई कठिनाई आती है तो वह तहसील कल्याण कार्यालय से भी सहायता प्राप्त कर सकता है।
समीर ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसलिए प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन राशि मिलती रहे।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, बैंकिंग संस्थानों और डाक विभाग के समन्वय से आधार सीडिंग की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। लाभार्थियों के सहयोग से यह कार्य शीघ्र पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे पेंशन वितरण प्रणाली और अधिक सुचारू बन सकेगी।