मोदी सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत की : कर्ण नंदा

rakesh nandan

22/05/2026

मोदी सरकार ने वैश्विक संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया : कर्ण नंदा

भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व और रणनीतिक सोच के कारण भारत आज वैश्विक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय युद्ध, तेल संकट, आर्थिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय तनाव जैसी परिस्थितियों से गुजर रही है, लेकिन भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाकर वैश्विक स्तर पर एक स्थिर और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

कर्ण नंदा ने कहा कि वैश्विक तेल बाजार में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और तेल आपूर्ति से जुड़े संकटों ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। इसके बावजूद भारत ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और रणनीतिक कूटनीति के माध्यम से अपनी जरूरतों को संतुलित बनाए रखा है।

उन्होंने कहा कि रूस, यूएई और अब वेनेजुएला जैसे देशों से सस्ती दरों पर कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत विदेश नीति और दीर्घकालिक रणनीति का परिणाम है। भारत ने समय रहते तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने का निर्णय लिया, जिससे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित रखने में मदद मिली।

कर्ण नंदा ने कहा कि जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ा, तब कई देशों को तेल आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। लेकिन भारत ने वैकल्पिक बाजारों और नए साझेदार देशों के साथ संबंध मजबूत कर संकट की स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनना इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार केवल वर्तमान परिस्थितियों को नहीं बल्कि भविष्य की जरूरतों और संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित और स्थिर बनी है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान भारत वैश्विक दबावों के सामने अपेक्षाकृत कमजोर दिखाई देता था, जबकि आज भारत अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए स्वतंत्र और मजबूत फैसले लेने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।

कर्ण नंदा ने कहा कि दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट, महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं, लेकिन भारत ने अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति बनाए रखी है। उन्होंने दावा किया कि इसका लाभ आम जनता को भी मिला है क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों तथा बढ़ती महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने में सरकार को मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह साबित किया है कि आधुनिक दौर में केवल मजबूत अर्थव्यवस्था ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी कूटनीति और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। भारत आज वैश्विक मंच पर अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ रहा है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाना किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है और ऐसे में विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा साझेदारी बढ़ाना आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसलिए सरकारों के लिए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति तैयार करना आवश्यक होता है।

कर्ण नंदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण भारत आज वैश्विक संकटों के दौर में भी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भी भारत ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के क्षेत्र में और अधिक मजबूत होकर उभरेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश के विकास, आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है तथा भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।