हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बिजली व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड द्वारा विद्युत उपमंडल-III मंडी के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कार्य भ्यूली, पुरानी मंडी, खलियार, बिजनी, मैगल, पाखरी, द्रंग, रोपडु, नसलोह, स्कोर, रेहराधार, बारी गुमाणु, तुंग और चौकी भतेड़ जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बिजली आपूर्ति प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनाना है।
सहायक अभियंता होशियार सिंह राणा ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया एक नियमित तकनीकी कार्य है, जिसे विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया में सहयोग करना आवश्यक है।
होशियार सिंह राणा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई उपभोक्ता मीटर बदलने में बाधा उत्पन्न करता है या विभागीय टीम को सहयोग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 163(3) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत संबंधित उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन अस्थायी रूप से काटा भी जा सकता है।
उन्होंने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 163(1) के अनुसार विद्युत बोर्ड के अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी निरीक्षण, परीक्षण, मरम्मत और मीटर प्रतिस्थापन के लिए किसी भी परिसर में प्रवेश करने के लिए अधिकृत हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को इस कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं डालनी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के परिसर में लगे बिजली मीटर और सर्विस लाइन विद्युत विभाग की संपत्ति होती है। इस पर उपभोक्ता का स्वामित्व नहीं होता, इसलिए मीटर बदलने का अधिकार विभाग के पास ही होता है।
स्मार्ट मीटर प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलेंगे। इससे बिजली खपत की सटीक जानकारी मिल सकेगी, बिलिंग प्रक्रिया पारदर्शी होगी और बिजली चोरी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा। इसके अलावा, उपभोक्ता अपने बिजली उपयोग की जानकारी डिजिटल माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
होशियार सिंह राणा ने सभी उपभोक्ताओं से यह भी अपील की कि वे अपने मोबाइल नंबर को अपनी कंज्यूमर आईडी के साथ अपडेट करवाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हो सकेंगी। यदि उपभोक्ता अपने नंबर अपडेट नहीं करते हैं, तो भविष्य में उन्हें बिल संबंधित जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली व्यवस्था और अधिक आधुनिक और विश्वसनीय बनेगी। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और विभाग को भी अपनी सेवाओं में सुधार करने में मदद मिलेगी।
अंततः, यह कहा जा सकता है कि मंडी में स्मार्ट मीटर लगाने की यह पहल बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उपभोक्ताओं के सहयोग से यह कार्य जल्द पूरा किया जा सकेगा और सभी को इसका लाभ मिलेगा।