29 महिलाओं ने सीखी मोमबत्ती बनाने की ट्रेनिंग

rakesh nandan

27/04/2026

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) द्वारा आयोजित 12 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सोमवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण शिविर में कुल 29 महिलाओं ने भाग लिया और मोमबत्ती निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मोमबत्ती बनाने की विभिन्न तकनीकों, डिजाइनिंग, कच्चे माल के उपयोग और बाजार में उत्पाद की बिक्री से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

समापन समारोह के अवसर पर आरसेटी के निदेशक अजय कतना ने प्रतिभागी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकती हैं या समूह बनाकर उद्यम स्थापित कर सकती हैं।

अजय कतना ने यह भी बताया कि यदि महिलाएं अपना उद्यम स्थापित करना चाहती हैं, तो उन्हें बैंक से ऋण प्राप्त करने में भी संस्थान द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी। इससे महिलाओं को अपने व्यवसाय को शुरू करने और आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आज के समय में कौशल आधारित प्रशिक्षण बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे व्यक्ति आत्मनिर्भर बन सकता है और रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होते हैं।

शिविर के दौरान महिलाओं को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया, बल्कि उन्हें वित्तीय साक्षरता के बारे में भी जागरूक किया गया। इससे वे अपने व्यवसाय को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी और आर्थिक निर्णय लेने में सक्षम बनेंगी।

समापन समारोह में वित्तीय साक्षरता सलाहकार जीसी भट्टी, शिविर के मूल्यांकनकर्ता सोमदत्त शर्मा, मुकेश कुमार, फैकल्टी सदस्य विनय चौहान, ट्रेनर किरण सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं इस प्रशिक्षण का सही तरीके से उपयोग करती हैं, तो वे न केवल स्वयं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकती हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकती हैं।

इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे महिलाओं को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर मिलता है और वे समाज में अपनी पहचान बना सकती हैं।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि पंजाब नेशनल बैंक आरसेटी द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर महिलाओं के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हुआ है। इससे न केवल उनकी कौशल क्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरणा मिली है।