हिमाचल गौरव सम्मानित डॉ. ओपी शर्मा का अभिनंदन

rakesh nandan

27/04/2026

हिमाचल प्रदेश में साहित्यिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. ओपी शर्मा को हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के उपलक्ष्य में हमीरपुर में एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह जिला भाषा अधिकारी कार्यालय एवं संस्कृति सदन, सलासी में सोमवार को आयोजित हुआ, जिसमें जिले के अनेक साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया।

गौरतलब है कि डॉ. ओपी शर्मा को 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर रिकांगपिओ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान हिमाचल गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल सहित जिले के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और लेखकों ने डॉ. ओपी शर्मा का गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्हें और उनकी धर्मपत्नी को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में लाल चंद ठाकुर, रत्न चंद शास्त्री, होशियार सिंह, दलीप सिंह, देश राज कमल, केसर सिंह पटियाल, डॉ. सुशीला गौतम, केहर सिंह, अनिल कुमार सोनी और संतोष कुमारी सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. शर्मा के साहित्यिक योगदान की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में डॉ. ओपी शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों तथा सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि पूरे साहित्यिक समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और एक साहित्यकार का दायित्व होता है कि वह समाज की भावनाओं, समस्याओं और मूल्यों को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्त करे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी साहित्य सेवा के प्रति समर्पित रहेंगे और समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करते रहेंगे।

समारोह के दौरान वातावरण पूरी तरह साहित्यिक गरिमा और उत्साह से भरपूर रहा। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने डॉ. शर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।

हिमाचल प्रदेश में साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के सम्मान और कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे न केवल साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में साहित्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

अंततः, यह कहा जा सकता है कि डॉ. ओपी शर्मा का सम्मान हमीरपुर के साहित्यिक जगत के लिए गर्व का विषय है। इस तरह के आयोजनों से साहित्यकारों का मनोबल बढ़ता है और वे समाज के लिए और बेहतर योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं।