मंडी में नव निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों को दिलाई जाएगी शपथ

rakesh nandan

03/06/2026

जिला मंडी में पंचायती राज संस्थाओं के हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद नव निर्वाचित पंचायत समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) Apoorv Devgan ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के तहत विभिन्न पंचायत समितियों के नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ एवं निष्ठा ग्रहण करवाने के लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेशों के अनुसार जिला मंडी की विभिन्न पंचायत समितियों में शपथ ग्रहण समारोह का संचालन संबंधित उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) द्वारा किया जाएगा। प्रशासन ने शपथ ग्रहण प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी और निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न करवाने के लिए यह जिम्मेदारी विभिन्न एसडीएम अधिकारियों को सौंपी है।

आदेशों के तहत पंचायत समिति सदर मंडी के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सदर मंडी को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं पंचायत समिति सुंदरनगर और निहरी के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सुंदरनगर को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसी प्रकार पंचायत समिति बल्ह और धनोटू के नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बल्ह को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। पंचायत समिति करसोग और चुराग के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) करसोग को नियुक्त किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पंचायत समिति सराज के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) थुनाग शपथ ग्रहण प्रक्रिया का संचालन करेंगे। पंचायत समिति गोहर के लिए यह जिम्मेदारी उपमंडल अधिकारी (नागरिक) गोहर को दी गई है।

इसके अतिरिक्त पंचायत समिति चौंतड़ा के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) जोगिंदर नगर को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। पंचायत समिति द्रंग के नव निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने का कार्य उपमंडल अधिकारी (नागरिक) पधर द्वारा किया जाएगा।

पंचायत समिति धर्मपुर के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) धर्मपुर, पंचायत समिति गोपालपुर के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) सरकाघाट तथा पंचायत समिति बालीचौकी के लिए उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बालीचौकी को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे शपथ ग्रहण प्रक्रिया को कानून और नियमों के अनुसार समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति सदस्यों का शपथ ग्रहण स्थानीय स्वशासन व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से निर्वाचित प्रतिनिधि औपचारिक रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन शुरू करते हैं।

पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है। पंचायत समिति स्तर पर चुने गए प्रतिनिधि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और जनहित से जुड़े विभिन्न निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शपथ ग्रहण के बाद पंचायत समिति सदस्यों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के अनुरूप कार्य करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही पंचायत समितियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हो। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के बाद जिला मंडी में पंचायत समिति स्तर पर नए प्रतिनिधियों का चयन हुआ है। अब शपथ ग्रहण के साथ ही ये प्रतिनिधि आधिकारिक रूप से अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि नव निर्वाचित प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों के विकास, जनसमस्याओं के समाधान और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सकारात्मक योगदान देंगे।