मंडी में बिजली बिल कैश काउंटर बंद, ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य

rakesh nandan

17/04/2026

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। विद्युत उप मण्डल-3 के अंतर्गत आने वाले कई क्षेत्रों में बिजली बिल भुगतान के कैश काउंटर बंद कर दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए होशियार सिंह राणा, सहायक अभियंता, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने बताया कि अप्रैल 2026 से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि मैगल, द्रंग और नसलोह क्षेत्रों में संचालित बिजली बिल भुगतान के कैश काउंटर अब बंद कर दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि 125 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिलने के कारण बहुत कम लोग कैश काउंटरों पर भुगतान के लिए पहुंच रहे थे। औसतन केवल 5 से 10 उपभोक्ता ही काउंटरों पर भुगतान के लिए आते थे, जिससे इन काउंटरों को चलाना व्यावहारिक नहीं रह गया था।

इस निर्णय के बाद अब उपभोक्ताओं को बिजली बिल का भुगतान अन्य माध्यमों से करना होगा। सहायक अभियंता ने बताया कि उपभोक्ता अपने बिजली बिलों का भुगतान ऑनलाइन माध्यम, लोकमित्र केंद्र या सीधे विद्युत उप मण्डल कार्यालय में जाकर कर सकते हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से डिजिटल भुगतान को अपनाने की अपील की, ताकि समय और सुविधा दोनों का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलती है। इसके अलावा, लोकमित्र केंद्रों के माध्यम से भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोग आसानी से अपने बिलों का भुगतान कर सकते हैं।

सहायक अभियंता ने यह भी बताया कि विद्युत उप मण्डल-3 के अंतर्गत आने वाले भिउली, पुरानी मंडी, खलियार, बिजनी, मैगल, पाखरी, द्रंग, नगरोटा, रोपरू, नसलोह, स्कोर, रेहराधार, बारी, गुमाणु तुंग और चौकी भलेड क्षेत्रों के सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने लंबित बिजली बिल 30 अप्रैल 2026 तक जमा करवा दें।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित तिथि तक बिलों का भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। यह कदम विभागीय नियमों के अनुसार उठाया जाएगा और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे समय पर अपने बिलों का भुगतान करें और किसी भी असुविधा से बचें। साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को भुगतान प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो वे संबंधित कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

यह बदलाव बिजली वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिजिटल माध्यमों को बढ़ावा देकर विभाग न केवल अपनी कार्यप्रणाली को सरल बना रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि मंडी जिले में बिजली बिल भुगतान की यह नई व्यवस्था उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर प्रेरित करेगी और भविष्य में सेवाओं को और अधिक सुगम बनाएगी।