बिलासपुर में सफाई कर्मियों के मुद्दों पर समीक्षा बैठक

rakesh nandan

17/04/2026

हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग, जो राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के रूप में भी कार्य कर रहा है, द्वारा जिला बिलासपुर में सफाई कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक नगर परिषद कार्यालय बिलासपुर में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों और संस्थानों के अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा और शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।

बैठक में नगर निकायों, एम्स बिलासपुर, जवाहर नवोदय विद्यालय, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सफाई कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

समीक्षा बैठक के दौरान आयोग ने सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इनमें सुरक्षा उपकरण (सेफ्टी इक्विपमेंट), नियमित स्वास्थ्य जांच, वर्दी, वेतन, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और अन्य सुविधाएं शामिल थीं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिला के नगर निकायों में 129, एम्स बिलासपुर में 288, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अधीन 88, हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में 6 और जवाहर नवोदय विद्यालय में 7 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं।

इस अवसर पर अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि राज्य सरकार ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को उनका पूरा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो शहरों और गांवों में स्वच्छता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि उनके अधिकारों और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने सभी विभागों और संस्थानों से इस दिशा में गंभीरता से कार्य करने का आह्वान किया।

कुलदीप कुमार धीमान ने महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत सफाई कर्मचारियों को आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके।

उन्होंने सफाई कर्मचारियों से भी अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे आयोग से संपर्क करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि आयोग उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करेगा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिए गए कि सफाई कार्यों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें। इसके साथ ही, सफाई कार्यों में आधुनिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, जिससे कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।

कार्यक्रम के दौरान आयोग ने नगर परिषद बिलासपुर में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सीधे सुना। इससे कर्मचारियों को अपनी बात रखने का एक महत्वपूर्ण मंच मिला।

इस अवसर पर राजदीप सिंह, विनय मोदी, शशि दत्त शर्मा, रमेश बंसल, दिनेश और वर्षा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

अंत में यह कहा जा सकता है कि इस प्रकार की समीक्षा बैठकें सफाई कर्मचारियों के कल्याण और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल समस्याओं की पहचान होती है, बल्कि उनके समाधान के लिए ठोस कदम भी उठाए जा सकते हैं।