जिला मंडी में आगामी शहरी निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना और चुनावों के सफल एवं निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करना था।
बैठक में निर्वाचन अधिकारियों (आरओ) और सहायक निर्वाचन अधिकारियों (एआरओ) को चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें और चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और इसे पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सतर्कता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे चुनाव संबंधी हैंडबुक का गहन अध्ययन करें, ताकि उन्हें प्रत्येक प्रक्रिया की स्पष्ट समझ हो सके। उन्होंने कहा कि नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण को विधिवत और नियमों के अनुरूप पूरा किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें।
इस दौरान तहसीलदार निर्वाचन राजेश कुमार और नायब तहसीलदार निर्वाचन राजेश जोशी ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की बारीकियों को समझाया। उन्होंने नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी, उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार करना, चुनाव चिन्हों का आवंटन, मतदान प्रक्रिया और ईवीएम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
पंचायत चुनावों से जुड़े विशेष प्रावधानों पर भी बैठक में चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि पंचायत चुनावों में दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया का पालन विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इसके अलावा मतदान केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और चुनाव सामग्री के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, एसडीएम सदर रूपिन्द्र कौर, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, जिले के सभी उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) ऑनलाइन माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए।
प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले में होने वाले चुनाव शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों। इसके लिए अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर तैयार किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग और समयबद्ध कार्यप्रणाली को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या के समाधान के लिए प्रशासन पूरी तरह तत्पर रहेगा।
इस प्रशिक्षण बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया है कि जिला मंडी प्रशासन चुनावों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। आने वाले समय में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए अधिकारियों की क्षमता को और मजबूत किया जाएगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।