जिला मंडी को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी डॉ. मदन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनकॉर्ड) समिति की बैठक पुलिस लाइन मंडी स्थित कामक्षा हॉल में आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशे की रोकथाम, मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण, जागरूकता अभियानों और कानून प्रवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मदन कुमार ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही नशा विरोधी समितियों को सक्रिय बनाकर उनके माध्यम से समाज में व्यापक जनजागरूकता पैदा की जाए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं की ऊर्जा सही दिशा में लग सके और वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रह सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
डॉ. मदन कुमार ने एनकॉर्ड समिति से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा सौंपे गए कार्यों को गंभीरता से पूरा करें। बैठक में पिछली बैठक की अनुपालन रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई और विभिन्न विभागों द्वारा की गई कार्रवाई पर चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति की सातवीं बैठक में प्रदेशभर में चिट्टे की रोकथाम के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्णय लिया गया है। इसी नीति के अनुरूप जिला मंडी में भी सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन द्वारा नशे के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि जल्द ही जिला मंडी में एक विशेष वॉकाथोन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके अलावा विभिन्न सरकारी संस्थानों में स्थापित डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से भी लोगों को नशे के खिलाफ संदेश दिए जाएंगे।
प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सूचना देने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजना की जानकारी भी साझा की। बताया गया कि चिट्टे के कारोबार से जुड़े लोगों की सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रदेश सरकार की ओर से 20 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिक अपनी जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com या व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर भेज सकते हैं।
नशा मुक्ति और परामर्श सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लोगों को “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप का उपयोग करने की सलाह दी गई। इसके अलावा 1800-11-0031, 1933 और 14446 हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों और युवाओं तक किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की पहुंच न हो।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने जिले में नशे के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 31 मई 2026 तक एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत कुल 149 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 206 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 199 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त वित्तीय जांच और संपत्ति कुर्की से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2025-26 में वित्तीय जांच के 17 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि वर्ष 2024 से 2026 तक के 36 मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। वहीं वर्ष 2025-26 के दौरान चार मामलों में आरोपियों की संपत्तियां अटैच की गई हैं, जबकि दो मामलों में अटैचमेंट की प्रक्रिया अभी जारी है।
बैठक में पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और नशा मुक्त मंडी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।