प्राकृतिक खेती को MSP, किसानों को बड़ा लाभ

rakesh nandan

18/04/2026

हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, बागवानों और पशुपालकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने यह बात हमीरपुर के निकटवर्ती गांव ब्राहलड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने गन्ने की पेराई मशीन, बॉयलर और बोरवेल का लोकार्पण किया, जो क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगी।

प्राकृतिक खेती को मिला बढ़ावा

सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली फसलों के लिए अलग से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) निर्धारित किया गया है, जो देश में एक अनूठा कदम है।

सरकार द्वारा तय किए गए नए दाम इस प्रकार हैं:

  • गेहूं: 80 रुपये प्रति किलोग्राम
  • मक्की: 60 रुपये प्रति किलोग्राम
  • कच्ची हल्दी: 150 रुपये प्रति किलोग्राम
  • अदरक: 30 रुपये प्रति किलोग्राम
  • पांगी घाटी का जौ: 80 रुपये प्रति किलोग्राम

इसके अलावा, पशुपालकों को भी राहत देते हुए गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है।

क्लस्टर आधारित योजना से लाभ

ब्राहलड़ी गांव में हिम कृषि योजना के तहत 8.17 लाख रुपये की लागत से गन्ने की पेराई मशीन, बॉयलर और बोरवेल स्थापित किए गए हैं। इस योजना से क्षेत्र के लगभग 21 किसान परिवार सीधे लाभान्वित होंगे और करीब 40 बीघा भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी।

स्वास्थ्य और शिक्षा में भी सुधार

कार्यक्रम के दौरान सुनील शर्मा बिट्टू ने हमीरपुर में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी के 9 विभाग, कैंसर केयर संस्थान, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, मातृ-शिशु अस्पताल और नशा उपचार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सुविधाओं से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और मेडिकल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों और किसानों की भागीदारी

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने भी अपने विचार रखे और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीडी शर्मा ने किसानों को विभिन्न योजनाओं के बारे में अवगत कराया। इसके अलावा, प्रगतिशील किसान उर्मिला ने प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किए, जिससे अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती

सरकार के इन फैसलों से यह स्पष्ट है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को उचित मूल्य देने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।