बिलासपुर में SC योजनाओं की समीक्षा, 73.13 करोड़ खर्च

rakesh nandan

18/04/2026

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बचत भवन में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता कुलदीप कुमार धीमान ने की।

बैठक में आयोग के सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

योजनाओं की समीक्षा और कमियों पर फोकस

बैठक के दौरान एससीडीपी (अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम) के तहत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि आयोग जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहा है और अब तक प्रदेश के लगभग आधा दर्जन जिलों में इस प्रकार की बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। साथ ही, किसी भी पात्र व्यक्ति को वंचित न रहने देने पर विशेष बल दिया जा रहा है।

शिकायतों के त्वरित निवारण पर जोर

अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग केवल योजनाओं की समीक्षा ही नहीं कर रहा, बल्कि एससी समुदाय से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग द्वारा भेजी गई शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

वित्तीय आंकड़े: करोड़ों की राशि व्यय

बैठक में वित्तीय आंकड़ों की भी जानकारी साझा की गई।

  • वर्ष 2023-24 में 73.13 करोड़ रुपये
  • वर्ष 2024-25 में 71.24 करोड़ रुपये
  • वर्ष 2025-26 में 43.77 करोड़ रुपये

एससीडीपी के तहत खर्च किए गए हैं।

इसके अलावा, जिले में कुल 48,157 पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है, जिनमें 13,771 अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं। इस पर कुल लगभग 157 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

अन्य योजनाओं का लाभ

स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत जिला में 2.58 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में 3.45 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई है। सरकार ने इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है, जिससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

नशा मुक्त हिमाचल पर जोर

बैठक के दौरान अध्यक्ष ने नशे के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के एक इको पार्क में नशे के दुरुपयोग की शिकायत सामने आई है। इस पर उन्होंने पुलिस प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हिमाचल को “नशा मुक्त और चिट्टा मुक्त” बनाना है, जिसके लिए जिला स्तर पर विशेष टीमें गठित कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चर्चा

अध्यक्ष ने बजट 2026-27 का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किए हैं—

  • गेहूं: 80 रुपये प्रति किलोग्राम
  • मक्की: 50 रुपये प्रति किलोग्राम
  • कच्ची हल्दी: 150 रुपये प्रति किलोग्राम
  • अदरक: 30 रुपये प्रति किलोग्राम

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र का अनावरण

बैठक से पहले बचत भवन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र का अनावरण भी किया गया, जो सामाजिक न्याय और समानता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने आयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दिए गए दिशा-निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।