हरोली में 9 करोड़ का ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू

rakesh nandan

22/04/2026

हरोली क्षेत्र में आधुनिक परिवहन सुविधाओं की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri ने बुधवार को रोड़ा में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही हिमाचल प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को तकनीक आधारित, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऑटोमेटेड ट्रैक मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करते हुए अभ्यर्थियों का सटीक मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। पूरे ट्रैक में सेंसर आधारित तकनीक और अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि की निगरानी करेंगे। इससे ड्राइविंग टेस्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष तरीके से लाइसेंस मिल सकेगा।

Mukesh Agnihotri ने इसे उत्तर भारत का अपनी तरह का इकलौता ट्रैक बताते हुए कहा कि भविष्य में यहां और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। लोगों की सुविधा के लिए वेटिंग एरिया और भवन निर्माण की योजना है, ताकि खराब मौसम में भी अभ्यर्थियों को परेशानी न हो। अगले चरण में बसों और ट्रकों के लिए भी टेस्टिंग सुविधा विकसित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि डिजिटल प्रणाली के तहत अभ्यर्थी अब स्वयं अपनी सुविधा के अनुसार टेस्ट की तिथि और समय तय कर सकेंगे। हालांकि, फिलहाल पुरानी व्यवस्था भी समानांतर रूप से जारी रहेगी, लेकिन सरकार का लक्ष्य नई प्रणाली को प्राथमिकता देना है।

इस आधुनिक ट्रैक में छोटे वाहनों के लिए ‘S’, ‘8’ और ‘H’ ट्रैक, पैरेलल पार्किंग, जंक्शन ड्राइविंग और ढलान पर वाहन संचालन जैसे विभिन्न परीक्षण शामिल किए गए हैं। इसके अलावा यह परिसर स्कूली बच्चों के लिए एक शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा, जहां उन्हें सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों की व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी।

हरोली के समग्र विकास को गति देते हुए उपमुख्यमंत्री ने रोड़ा स्थित हरोली मैदान को स्थायी मेला स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित हरोली उत्सव को लोगों का अच्छा समर्थन मिला है और भविष्य में इसे और भव्य बनाया जाएगा।

इसके साथ ही हरोली-रामपुर मार्ग को ‘विकास पथ’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है। इस मार्ग पर आधुनिक लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और अन्य सुविधाओं को और बेहतर किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बने।

Mukesh Agnihotri ने बताया कि रोड़ा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और वर्ष 2027 तक यहां कई बड़ी परियोजनाएं साकार होंगी। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से हेलिपोर्ट निर्माण कार्य जारी है, जिससे भविष्य में शिमला और चंडीगढ़ से सीधी कनेक्टिविटी संभव होगी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण भी किया जा रहा है।

उन्होंने जिले की अन्य प्रमुख परियोजनाओं का भी उल्लेख किया, जिनमें माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तार पर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की योजना शामिल है। इसके अलावा गोविंद सागर झील से जुड़े पर्यटन और जल परिवहन को विकसित करने तथा हरोली में लगभग 2500 करोड़ रुपये की बल्क ड्रग पार्क परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया और इलेक्ट्रिक वाहन में बैठकर ट्रैक का निरीक्षण भी किया। उन्होंने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर उपायुक्त Jatin Lal, राज्य परिवहन प्राधिकरण के सचिव Naresh Thakur सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि हरोली में शुरू हुआ यह ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक न केवल तकनीकी रूप से उन्नत पहल है, बल्कि यह प्रदेश में पारदर्शी और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी साबित होगा।