हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तेजी से प्रगति पर है। विद्युत उपमंडल-1 हमीरपुर के सहायक अभियंता सुनील कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उपमंडल के अंतर्गत आने वाले विभिन्न अनुभागों में स्मार्ट मीटर स्थापना का कार्य लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि झनियारी, मसियाणा, अमरोह, कुठेड़ा, धनेड़ और नाल्टी अनुभागों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। इन क्षेत्रों में सभी एनडीएनसी (Non-Domestic Non-Commercial) और व्यावसायिक विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि बिजली विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इससे बिजली प्रबंधन प्रणाली को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
सहायक अभियंता ने आगे बताया कि अन्य अनुभागों में भी इन श्रेणियों के लगभग 95 प्रतिशत उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवा चुके हैं। शेष उपभोक्ताओं के लिए भी कार्य तेजी से चल रहा है और विभाग का लक्ष्य जल्द ही सभी उपभोक्ताओं को इस प्रणाली से जोड़ना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर पूरी तरह से सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। किसी भी उपभोक्ता की ओर से अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यह दर्शाता है कि नई तकनीक न केवल प्रभावी है, बल्कि विश्वसनीय भी है।
स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू होने से बिजली उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलते हैं। सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि उपभोक्ता अपनी बिजली खपत की जानकारी रियल-टाइम में प्राप्त कर सकते हैं। इससे वे अपनी खपत को नियंत्रित कर सकते हैं और अनावश्यक बिजली उपयोग को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है और गलत बिलिंग की संभावना भी कम हो जाती है।
स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली विभाग को भी कई फायदे होते हैं। विभाग को बिजली खपत का सटीक डेटा मिलता है, जिससे बिजली वितरण प्रणाली को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकता है। लाइन लॉस को कम करने और बिजली चोरी पर नियंत्रण पाने में भी यह तकनीक सहायक होती है।
सहायक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि उपमंडल के अन्य घरेलू उपभोक्ताओं के मीटर बदलने की प्रक्रिया भी जारी है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है ताकि किसी को असुविधा न हो। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें और अपने-अपने घरों में स्मार्ट मीटर अवश्य लगवाएं।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने में सहयोग नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना भी हो सकती है।
अंत में उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे बिजली वितरण को अधिक कुशल, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी उपभोक्ता इस पहल में सहयोग करते हैं, तो यह पूरे क्षेत्र के विकास के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।