हमीरपुर में रेडक्रॉस सोसाइटी का सफाई एवं पौधारोपण अभियान, अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने लिया भाग
जिला रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा शनिवार सुबह हमीरपुर के हीरानगर स्थित चिल्ड्रन पार्क में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
सफाई अभियान जिला रेडक्रॉस सोसाइटी की अध्यक्ष एवं उपायुक्त Gandharva Rathore की अगुवाई में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पत्रकारों और विभिन्न स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभियान के तहत चिल्ड्रन पार्क और इसके आसपास फैले कूड़े-कचरे को साफ किया गया। इसके साथ ही क्षेत्र में फैली चीड़ की सूखी पत्तियों को भी हटाया गया ताकि स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ आग लगने जैसी घटनाओं की संभावना को भी कम किया जा सके।
सफाई अभियान के बाद पार्क परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न पौधे लगाए गए।
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देते हैं बल्कि लोगों में सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी पैदा करते हैं।
अभियान में अतिरिक्त उपायुक्त Abhishek Garg, एसडीएम Sanjeet Singh और सहायक आयुक्त Chirag Sharma सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इसके अलावा नगर निगम, पुलिस विभाग, होमगार्ड्स, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सफाई अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।
अभियान में विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। माई भारत युवा केंद्र, हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, रोटरी क्लब, शुभ प्रभात हेल्थ क्लब और प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों ने अभियान में योगदान दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सामुदायिक सफाई अभियान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई से न केवल पर्यावरण बेहतर होता है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार चीड़ की सूखी पत्तियां गर्मियों में आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। ऐसे में इन्हें समय-समय पर हटाना वन संरक्षण और सुरक्षा की दृष्टि से भी आवश्यक माना जाता है।
पौधारोपण कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को हरित पर्यावरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में पौधारोपण बेहद जरूरी है।
स्वयंसेवकों ने भी अभियान के दौरान लोगों से प्लास्टिक कचरा इधर-उधर न फैलाने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो शहरों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित इस अभियान को स्थानीय लोगों का भी समर्थन मिला। पार्क में आने वाले लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण अभियानों का आयोजन जारी रहेगा ताकि लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि सामुदायिक भागीदारी वाले कार्यक्रम सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं और लोगों में सार्वजनिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
अभियान के समापन पर अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।