हमीरपुर: पोषण पखवाड़ा शिविर में कुपोषण पर जागरूकता

rakesh nandan

23/04/2026

हमीरपुर में पोषण अभियान के तहत जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन किया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय हमीरपुर द्वारा वीरवार को वार्ड नंबर-9 स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में वृत्त स्तरीय पोषण पखवाड़ा शिविर आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं और लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस शिविर की अध्यक्षता Sunita Sharma ने की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली और सुविधाओं के बावजूद कुपोषण आज भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है।

Sunita Sharma ने कहा कि हमें अपनी दैनिक दिनचर्या में भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खासतौर पर गर्भवती और धात्री माताओं के लिए पोषण अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि उनकी सेहत सीधे तौर पर शिशु के विकास को प्रभावित करती है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि गर्भवती महिलाओं के आहार में सभी आवश्यक पोषक तत्वों—जैसे प्रोटीन, विटामिन, आयरन और कैल्शियम—का समावेश होना चाहिए। इससे न केवल मां स्वस्थ रहती है, बल्कि शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है।

शिविर के दौरान गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए पानी के पर्याप्त सेवन पर भी विशेष जोर दिया गया। Sunita Sharma ने कहा कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, इसलिए महिलाओं को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने गर्भवती और धात्री माताओं को सलाह दी कि वे नियमित रूप से मौसमी फल और हरी सब्जियों का सेवन करें। साथ ही, पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर को आराम मिलता है और स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।

शिविर में उपस्थित महिलाओं को कुपोषण के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि कुपोषण के कारण बच्चों में कमजोरी, विकास में कमी और विभिन्न बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय रहते सही पोषण अपनाना बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने कुपोषण को दूर करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ भी ली। इस प्रकार के सामूहिक संकल्प समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बेहद जरूरी हैं। इससे लोगों को सही जानकारी मिलती है और वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग होते हैं।

पोषण पखवाड़ा जैसे अभियान सरकार द्वारा चलाए जा रहे उन प्रयासों का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य देश को कुपोषण मुक्त बनाना है। इन अभियानों के माध्यम से विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

अंत में, यह कहा जा सकता है कि हमीरपुर में आयोजित यह पोषण शिविर न केवल जागरूकता बढ़ाने में सफल रहा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी किया। यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं, तो कुपोषण जैसी समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।