National Health Mission के तहत हमीरपुर में जिला स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन सीएमओ कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता उप निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन Rajesh Guleri ने की। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी Ajay Atri, Dr. Radhakrishnan Government Medical College के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देशराज, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा, डॉ. पारस और डॉ. नेहा पटियाल सहित सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, स्वास्थ्य शिक्षक, लेखाकार और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर उपस्थित रहे। जिला सूचना एवं सम्प्रेषण अधिकारी सुनील रांगड़ा भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डॉ. राजेश गुलेरी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों का टीकाकरण अभी तक नहीं हो पाया है, उन्हें भी अभियान के तहत शामिल कर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए ताकि कोई भी बच्चा इस सुविधा से वंचित न रहे।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं के शीघ्र पंजीकरण पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। डॉ. गुलेरी ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को परिवार नियोजन के उपायों के बारे में उचित परामर्श देना आवश्यक है ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ उपलब्ध करवाया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बच्चों में विकलांगता और बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि बच्चों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
डॉ. राजेश गुलेरी ने एचबीएनसी (होम बेस्ड न्यूबॉर्न केयर) कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया कि आशा कार्यकर्ता नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए घर पर सात बार दौरा करती हैं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाती हैं। उन्होंने इन दौरों को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में महिलाओं और बच्चों में बढ़ रहे एनीमिया और पोषण संबंधी समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पोषण जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाया जाए तथा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए।
इसके अतिरिक्त कुष्ठ रोग उन्मूलन, तंबाकू मुक्त हिमाचल अभियान, क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम और गैर संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन कार्यक्रमों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।