Gautam College of Pharmacy में विश्व अस्थमा दिवस 2026 के अवसर पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अस्थमा रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसके बचाव, प्रबंधन और आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Vijay Pal Singh उपस्थित रहे, जो Siddharth Institute of Pharmacy में फार्माकोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अस्थमा के कारणों, लक्षणों, रोकथाम और उपचार के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

अपने संबोधन में विजय पाल सिंह ने बताया कि अस्थमा एक गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी है, जो प्रदूषण, धूल, धुएं, एलर्जी और बदलती जीवनशैली के कारण तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समय रहते इसके लक्षणों की पहचान और उचित उपचार बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अस्थमा रोगियों के लिए नियमित दवाओं के उपयोग, इनहेलर के सही प्रयोग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और समय पर उपचार से अस्थमा को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक Jagdish Gautam, सचिव Rajneesh Gautam, निदेशक एवं प्राचार्य Sanjay Kumar तथा आईक्यूएसी प्रभारी Darsh Gautam भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एम. फार्मेसी, बी. फार्मा और डी. फार्मा के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने व्याख्यान के दौरान अस्थमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर रुचि दिखाई और विशेषज्ञ से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे।
व्याख्यान के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ, जिसमें उन्होंने अस्थमा के उपचार, रोकथाम और दवाओं के प्रभाव से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
अंत में संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण विषयों के प्रति संवेदनशील बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी सिद्ध हुआ तथा स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।