हमीरपुर में 1442 लड़कियों को लगा एचपीवी टीका

rakesh nandan

31/05/2026

महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत जिला हमीरपुर में लगातार प्रगति दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत रविवार को 28 किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाई गई। इसके साथ ही जिले में अब तक टीका लगवाने वाली लड़कियों की कुल संख्या 1,442 पहुंच गई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी Ajay Atri ने बताया कि यह अभियान 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह टीका भविष्य में कैंसर के खतरे को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच को मजबूत बनाता है।

2967 लड़कियों के टीकाकरण का लक्ष्य

डॉ. अजय अत्री ने जानकारी दी कि जिला हमीरपुर में इस अभियान के तहत कुल 2,967 लड़कियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 1,442 लड़कियां एचपीवी वैक्सीन लगवा चुकी हैं, जो कुल लक्ष्य का लगभग 48.6 प्रतिशत है।

स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र किशोरियों तक यह सुविधा पहुंचाई जाए ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों को कम किया जा सके। इसके लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों, आयुष्मान आरोग्य केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

रविवार को भी जारी रहा टीकाकरण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि रविवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने टीकाकरण अभियान जारी रखा। इसी क्रम में आयुष्मान आरोग्य केंद्र दड़ूही में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया, जहां पात्र लड़कियों को मुफ्त एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध करवाई गई।

उन्होंने कहा कि छुट्टी के दिन भी टीकाकरण सत्र आयोजित करने का उद्देश्य उन किशोरियों तक पहुंचना है जो किसी कारणवश नियमित दिनों में टीका नहीं लगवा पाती हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र लड़की इस महत्वपूर्ण टीके से वंचित न रहे।

क्या है एचपीवी और क्यों जरूरी है टीका?

एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस एक सामान्य संक्रमण है, जो कई मामलों में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है।

एचपीवी वैक्सीन इस वायरस के खतरनाक प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करती है और भविष्य में कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है। यही कारण है कि किशोरावस्था में इस टीके को विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।

जागरूकता बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग लगातार अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय के अन्य वर्गों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है। विभाग का मानना है कि टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ने से अधिक संख्या में लड़कियां इस अभियान का लाभ उठा सकेंगी।

डॉ. अजय अत्री ने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या भ्रांतियों के कारण लोग टीकाकरण से दूरी बना लेते हैं। इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गांवों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।

महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि एचपीवी टीकाकरण महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय रहते टीका लगवाने से भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी पात्र बेटियों को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। विभाग का उद्देश्य जिले की प्रत्येक पात्र किशोरी तक इस जीवनरक्षक टीके की पहुंच सुनिश्चित करना है।

जिला हमीरपुर में चल रहा यह अभियान न केवल कैंसर रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि महिलाओं के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए भी एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।